सागर के कोतवाली थाना क्षेत्र के 4 साल पुराने हत्या के मामले में अदालत ने फैसला सुनाया है। अपर सत्र न्यायाधीश प्रशांत कुमार की कोर्ट ने मामले में सुनवाई करते हुए सबूतों के आधार पर आरोपी सनी उर्फ राजेन्द्र यादव, हनी उर्फ भूपेंद्र सिंह ठाकुर और सौरभ तोमर को आजीवन सश्रम कारावास और दो-दो हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। वहीं मामले के आरोपी सनी उर्फ राजेन्द्र यादव को आर्म्स एक्ट में भी दोषी पाते हुए 2 वर्ष के सश्रम कारावास और एक हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई है। विशेष लोक अभियोजक सौरभ डिम्हा ने बताया कि 16 जनवरी 2021 की रात करीब 11.30 मुकीत खान नामक व्यक्ति आहत मोहम्मद हैदर को लेकर बुंदेलखंड मेडिकल कालेज पहुंचा। जहां मौके पर मौजूद डॉक्टर ने घायल मोहम्मद हैदर की जांच कर मृत घोषित कर दिया। मामले में फरियादी अहद खान ने सनी यादव, हनी उर्फ भूपेंद्र ठाकुर और सौरभ के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। जिसमें उसने बताया कि वह बाबू उस्ताद परकोटा वाले की पीली कोठी वाली गाड़ियों की गैरेज में मेकेनिक का काम करता है। उसके साथ बाबू उस्ताद के लड़के अहद का साला हैदर भी काम करता था। घटना दिनांक की रात करीब 10.30 बजे वह और उसका दोस्त राज ठाकुर, हैदर भाई बोलेरो गाड़ी से घर जा रहे थे। नाव मंदिर के पास अंग्रेजी शराब दुकान के पास पहुंचे। कुलिया के सामने हनी ठाकुर बाइक लेकर आया, उसके पीछे सौरभ तोमर और सनी यादव आए। मैकेनिक का काम करता था मृतक सनी यादव ने जान से मारने की नीयत से हैदर के सीने में चाकू मार दिया। हैदर चिल्लाया कि चाकू मार दिया तो सनी यादव, हनी ठाकुर और सौरभ तोमर के साथ गाड़ी में पीछे बैठ गया। मैं और राज ठाकुर उन्हें पकड़ने दौड़े तो सनी यादव ने चाकू घुमा दिया। इसके बाद तीनों तीन मड़िया तरफ भाग गए। हैदर जमीन पर गिर गया। बाइक से मुकीत और राज ठाकुर घायल अवस्था में हैदर को बीएमसी लेकर पहुंचे। मामले की शिकायत पर कोतवाली पुलिस ने हत्या का प्रकरण दर्ज कर जांच में लिया। जांच करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। घटना में उपयोग किया चाकू जब्त किया। मामले की जांच पूरी होने पर पुलिस ने चालान न्यायालय में पेश किया। कोर्ट ने प्रकरण में सुनवाई शुरू की। सुनवाई के दौरान अभियोजन ने मामले से जुड़े साक्ष्य और दस्तावेज कोर्ट में पेश किए। साक्षियों की गवाही कराई। न्यायालय ने सभी पक्षों को सुना और साक्ष्यों के आधार पर आरोपी सनी उर्फ राजेंद्र यादव, हनी उर्फ भूपेंद्र ठाकुर और सौरभ तोमर को हत्या का दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है।