पीथमपुर में भोपाल की यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री का जहरीला कचरा जलाने की प्रक्रिया गुरुवार से शुरू हो गई। शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे से रामकी एनवायरो फैक्ट्री के इंसीनरेटर में इसे जलाया जाएगा। 10 टन कचरे को जलाने में तीन दिन लगेंगे। यहां इंदौर देहात और धार जिले के 24 थानों के 500 से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात हैं। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट में इसके विरोध में याचिका लगाई गई थी। कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया। इसके बाद गुरुवार शाम से कंटेनरों से कचरा उतारने का काम शुरू किया गया। मध्यप्रदेश प्रदूषण विभाग के रीजनल अधिकारी श्रीनिवास द्विवेदी ने बताया कि अभी 12 कंटेनरों में से 5 कंटेनरों से अलग-अलग कचरे का सैंपल निकालकर इंसीनरेटर के पास ले जाया गया है। इंसीनरेटर को कुछ घंटे टेंपरेचर सेट होने तक खाली चलाया जाएगा। इसके बाद शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे से कचरा जलाने की प्रक्रिया शुरू होगी। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अफसर रहेंगे मौजूद 10 टन कचरा जलने में लगभग 72 घंटे का समय लगेगा। इसके बाद अगली प्रक्रिया की जाएगी। इससे निकलने वाली राख, गैस, सॉलिड पार्टिकल और पानी को उचित तरीके से नष्ट किया जाएगा। यह पूरा काम केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों की निगरानी में होगा। 5 घंटे में पहुंचेगा 800 डिग्री तापमान इंसीनरेटर को 800 डिग्री सेल्सियस तापमान तक पहुंचाने में करीब 5 घंटे का समय लगेगा। इसके लिए प्रति घंटे 600 लीटर डीजल की खपत होगी। जलाने से पहले पूरे कचरे को मिक्स किया जाएगा। इंसीनरेटर का तापमान 850 डिग्री तक पहुंचने के बाद ही कचरे को डाला जाएगा। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सभी कर्मचारी और मजदूर विशेष उपकरणों के साथ काम करेंगे। एसडीएम बोले- अफवाहों पर ध्यान नहीं दें एसडीएम प्रमोद कुमार गुर्जर का कहना है कि हाई कोर्ट के आदेशानुसार संबंधित एजेंसी प्रोटोकॉल के अनुसार काम कर रही हैं। लॉ एंड ऑर्डर के लिए इलाके में व्यवस्थाएं कर दी गई हैं। लोगों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने और शांति बनाए रखने की अपील की जा रही है। ग्राफिक्स से जानिए पूरा घटनाक्रम मामले से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… भोपाल का जहरीला कचरा पीथमपुर में ही जलेगा, सुप्रीम कोर्ट का रोक से इनकार भोपाल की यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री के रासायनिक कचरे को पीथमपुर में जलाने से रोकने वाली याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट ने हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट में 27 फरवरी को इस मामले की सुनवाई हुई। कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ताओं के सभी पक्षों को हाईकोर्ट ने सुन लिया है। फिलहाल सुप्रीम कोर्ट इस मामले में कोई सुनवाई नहीं करेगा। पढ़ें पूरी खबर Post navigation बाणगंगा क्षेत्र का मामला:कारोबारी ने फैक्टरी में फांसी लगाई अंतिम इच्छा अंगदान की जता गए जेयू का मामला:जूनियर के कपड़े उतारकर डांस न करने पर सीनियर ने पीटा