89वें त्रिमूर्ति शिव जयंती महोत्सव के अवसर पर नीलबड़ स्थित ब्रह्माकुमारीज़ सुख शांति भवन के अनुभूति सभागार में महाशिवरात्रि कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में ब्रह्माकुमारीज़ की वरिष्ठ बहनें राजयोगिनी रजनी दीदी (जापान एवं फिलिपींस), राजयोगिनी मीरा दीदी (मलेशिया) ने विशेष रूप से भाग लिया। महाशिवरात्रि के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम में जापान की निदेशिका राजयोगिनी रजनी दीदी ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि किस प्रकार बचपन से ही उन्होंने विश्व सेवा के संकल्प को अपनाया। 12 वर्ष की आयु में जब वे विदेश गईं, तब उन्हें ब्रह्माकुमारीज़ में आध्यात्मिक ज्ञान का परिचय मिला। उन्होंने बताया कि इस ज्ञान और योग के माध्यम से जीवन में बड़ा परिवर्तन देखा और यही निर्णय लिया कि वे इस ज्ञान को संसार के कोने-कोने तक पहुंचाएंगी। जापान में अपनी सेवाओं के दौरान राजयोगिनी रजनी दीदी ने यह महसूस किया कि जापानी लोग अपनी कठोर मेहनत और अनुशासन के बावजूद मानसिक शांति की खोज में हैं। वे जब इस आध्यात्मिक ज्ञान से परिचित होते हैं, तो उसे पूरी श्रद्धा से अपनाते हैं और मानसिक शांति का अनुभव करते हैं। जापान से आई डॉक्टर हनी ने बताया कि वे एक डॉक्टर होते हुए एक कंपनी में भी कार्यरत हैं, लेकिन कार्य के दबाव और तनाव के कारण उन्हें मानसिक शांति की आवश्यकता थी। ब्रह्माकुमारीज़ के आध्यात्मिक ज्ञान को अपनाकर उन्होंने न केवल अपने तनाव को कम किया बल्कि जीवन में संतुलन भी पाया। इस अवसर पर ब्रह्माकुमारीज़ सुख शांति भवन की निर्देशिका नीता दीदी ने बताया कि महाशिवरात्रि का पर्व ब्रह्माकुमारीज़ में अत्यधिक महत्व रखता है और इसे पूरे विश्व में हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। इस बार कार्यक्रम के दौरान शिवध्वजारोहण भी किया गया, जिसका उद्देश्य दुनिया के हर कोने में ईश्वरीय ज्ञान पहुंचाना था। आध्यात्मिक रूप से जागरूक होकर, सभी को क्रोध-मुक्त, चिंता-मुक्त और सुखमय जीवन जीने की प्रेरणा दी गई। दीदी जी ने कहा, “शिवरात्रि का यह पर्व हमें यह सिखाता है कि हमें अपने विकारों और नकारात्मक भावनाओं को त्याग कर अपनी आत्मा की सशक्तिकरण की दिशा में बढ़ना चाहिए।” Post navigation Rekha steals the spotlight with Shabana Azmi at ‘Dabba Cartel’ screening: Watch video कर्मचारी के नाम रजिस्टर्ड कंपनी से राइस मिल का कारोबार:मिल संचालक के यहां इनकम टैक्स सर्वे में खुलासा, 6-7 करोड़ का निवेश, टर्नओवर 180 करोड़ रुपए