फरवरी माह के दौरान तापमान के उतार-चढ़ाव के कारण लोगों की सेहत बिगड़ रही है। शहर के अस्पतालों और क्लीनिकों में पेट में इन्फेक्शन व अन्य समस्याओं वाले मरीजों की संख्या बढ़ रही है। डॉक्टरों के अनुसार मौसम बदलने और खानपान में लापरवाही के कारण एसिडिटी, गैस, अपच, पेट दर्द और दस्त की शिकायतें आम हो गई हैं। जिला अस्पताल, मेडिकल कॉलेज और निजी अस्पतालों में पेट की बीमारियों से जूझ रहे मरीजों की भीड़ बढ़ गई है। बीएमसी के आंकड़ों के अनुसार फरवरी माह में गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल (पाचन तंत्र से जुड़ी) बीमारियों वाले मरीजों की संख्या 40% तक बढ़ी है। इनके इलाज में लापरवाही से इन्फेक्शन, फूड पॉइजनिंग और पेट के अल्सर की समस्या हो सकती है। दिनचर्या में बदलाव से राहत मिल सकती है। खानपान का खास ध्यान रखना बहुत जरूरी मेडिकल कॉलेज के रिकॉर्ड के अनुसार प्रतिदिन ओपीडी में 150 से ज्यादा मरीज सोनोग्राफी जांच कराने के लिए पहुंच रहे हैं। इनमें पेट में इन्फेक्शन की समस्या लेकर पहुंचने वाले 30 से 40 मरीज होते हैं। इनमें एसिडिटी के सबसे ज्यादा 20 से 50 फीसदी मरीज निकल रहे हैं। जबकि 5 से 10 फीसदी अपच और किडनी एवं पेशाब संबंधी बीमारियों से जुड़े 15 फीसदी मरीज शामिल होते हैं। इलाज न होने पर गंभीर संक्रमण का खतरा भी बीएमसी के रेडियोलॉजिस्ट एवं एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. वृषभान अहिरवार ने बताया कि मौसम बदलने से पाचन क्रिया प्रभावित होती है। पानी की कमी से भी पेट की समस्याएं बढ़ जाती हैं। व्यवस्थित दिनचर्या और शरीर में पानी की मात्रा संतुलित रखें। इलाज में लापरवाही बरतने पर अल्सर या आंत की रुकावट, फटने या सिकुड़ने का खतरा हो सकता है। ऐसे बचें पेट की बीमारियों से पेट रोग : पंचकर्म, योग व षटकर्म में भी उपाय वर्तमान में वसंत ऋतु चल रही है, जिसमें जठराग्नि मंद एवं कफ का प्रकोप होता है। इसके कारण पेट संबंधी रोग बढ़ जाते हैं। इनसे बचाव के लिए उबला हुआ पानी सम्यक मात्रा में पीना चाहिए। फल एवं सब्जियों को अच्छे से धोकर प्रयोग करें। योगासन में वज्रासन, मंडूकासन एवं पवनमुक्तासन, प्राणायाम में भस्त्रिका, अग्निसार, षड्कर्म में धोती एवं कपालभाति और पंचकर्म में वमन एवं दीपन पाचन औषध का सेवन करना चाहिए। – डॉ. राजपाल सिंह राजपूत, आयुर्वेद एवं योगाचार्य Post navigation Liverpool dispatch Newcastle as title moves into sight after Arsenal stalemate समिट के 78% प्रपोजल 5 साल में पूरे हो सकेंगे:रिन्यूएबल एनर्जी-एमएसएमई के प्रस्ताव को मंजूरी के बाद लगेंगे 2 साल,16% रोजगार की संभावना