1000 वर्ग फीट में सिर्फ बीयर, वाइन और आरटीडी बेची जा सकेगी नई शराब नीति में अब बार के लाइसेंस की 7वीं श्रेणी जोड़ दी गई है। इस श्रेणी में सिर्फ बीयर, वाइन और आरटीडी बेची जा सकेगी। यहां पर सिर्फ वही ड्रिंक्स सर्व की जा सकेगी, जो 10% या इससे कम मात्रा में अल्कोहल हो। इसकी फीस बार लाइसेंस से आधी और एरिया भी छोटा होने के कारण बड़ी संख्या में शराब कारोबारी इसमें रुचि ले रहे हैं। एक कार बीते 5 साल में बीयर की खपत 75% बढ़ना भी है। आबकारी विभाग को हर रोज कई कारोबारी इसके बारे में जानकारी ले रहे हैं। अभी शहर में सभी तरह के बार मिलाकर करीब 100 बार और रेस्त्रां बार हैं। ऐसी भी संभावना जताई जा रही है कि इनकी संख्या दो से तीन गुना हो सकती है। इस कारण ज्यादा रुचि ले रहे कारोबारी प्रदेश में देसी और अंग्रेजी शराब की तुलना में बियर के शौकीनों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। बीते 5 साल में बीयर की खपत 75% बढ़कर 2 लाख बल्क लीटर तक पहुंच गई है। इसी अवधि में देसी शराब की खपत 26% और विदेशी शराब की 27% तक की बढ़ी है। शराब कारोबारियों का मानना है कि पिछले सालों में युवाओं में बियर पीने का चलन ज्यादा बढा है। साल 2023-24 में देसी और अंग्रेजी शराब की कुल करीब 2200 लाख प्रूफ लीटर शराब की ब्रिक्री हुई थी। बीयर की ब्रिक्री इस दौरान करीब 1900 लाख बल्क लीटर में हुई थी। यही कारण है कि कारोबारी इस में रुचि दिखा रहे हैं। यह श्रेणी होती हैं बार