सिगरेट से लेकर साबुन बनाने वाली FMCG कंपनी ITC को वित्त वर्ष 2024-25 की चौथी में 19,727 करोड़ रुपए का शुद्ध मुनाफा (कंसॉलिडेटेड नेट प्रॉफिट) हुआ है। सालाना आधार पर यह 300% बढ़ा है। पिछले साल की समान तिमाही में यह 4,935 करोड़ रुपए रहा था। जनवरी-मार्च तिमाही में ITC के ऑपरेशन से रेवेन्यू सालाना आधार पर 0.12% बढ़कर 20,376 करोड़ रुपए रहा। एक साल पहले की समान तिमाही यानी FY24 की चौथी तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू 20,350 करोड़ रुपए रहा था। ITC ने आज गुरुवार (22 मई) को जनवरी-मार्च तिमाही और सालाना नतीजे जारी किए हैं। नतीजों में आम आदमी के लिए क्या? कंपनी ने हर शेयर पर 7.85 रुपए फाइनल डिविडेंड यानी लाभांश देने का ऐलान किया है। इसके अलावा कंपनी ₹6.50 का अंतरिम लाभांश भी देगी। यानी वित्त-वर्ष 2024-25 के लिए कंपनी अपने निवेशकों को टोटल ₹14.25 प्रति शेयर डिविडेंड देगी। कंपनियां अपने मुनाफे का कुछ हिस्सा अपने शेयरहोल्डर्स को देती हैं, इसे डिविडेंड या लाभांश कहा जाता है। क्या कंपनी के नतीजे उम्मीद से अच्छे हैं? बाजार के जानकारों को उम्मीद थी कि वित्त वर्ष 2024-25 की चौथी तिमाही में कंपनी का मुनाफा करीब 5,000 करोड़ रुपए होगा। इस हिसाब से देखा जाए तो कंपनी ने मार्केट विश्लेषकों की उम्मीद से बेहतर परफॉर्म किया है। इस साल में अब तक शेयर का परफॉर्मेंस कैसा रहा? ITC का शेयर आज 1.73% की गिरावट के साथ 425 रुपए के स्तर पर बंद हुआ। कंपनी का शेयर एक महीने में 2% और 6 महीने में 10% गिरा है। एक साल में कंपनी का शेयर 3% गिरा है। ITC की मार्केट कैप 5.33 लाख करोड़ रुपए है। ITC के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर हैं संजीव पुरी ITC FMCG, पेपर, पैकेजिंग, एग्री-बिजनेस, होटल और IT में प्रेजेंस के साथ एक लीडिंग मल्टी-बिजनेस इंडियन एंटरप्राइज है। संजीव पुरी ITC के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर हैं। इस कंपनी को 1910 में स्थापित किया गया था, तब इस कंपनी का नाम इंपीरियल टोबैको कंपनी था। फिर 1970 में इसका नाम बदलकर इंडिया टोबैको कंपनी कर दिया। इसके बाद 1974 में इसका नाम ITC लिमिटेड हो गया था। Post navigation Boost in financial literacy along with growing middle class fuels retail investor growth in India’s markets: Report Government to auction Rs 27,000 crore in securities, split into two tranches