भारत के प्राइवेट सेक्टर बैंक यस बैंक में जापानी कंपनी सुमितोमो मित्सुई बैंकिंग कॉर्पोरेशन (SMBC) बड़ी हिस्सेदारी खरीदने की प्लानिंग कर रही है। इसके लिए SMBC ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) से बातचीत शुरू की है। यस बैंक में SBI की 23.97% हिस्सेदारी है जिसमें से वह 20% हिस्सेदारी SMBC को बेच सकती है। इसके साथ ही SMBC यस बैंक के अन्य शेयर होल्डर्स से 6-7% हिस्सेदारी और खरीद सकती है। इसके बाद SMBC, यस बैंक में 51% हिस्सेदारी हासिल करने के लिए ओपन ऑफर की प्रक्रिया शुरू करेगी। अगर यह डील होती है तो भारतीय बैंकिंग सेक्टर में यह सबसे बड़े अधिग्रहणों में से एक होगा। अन्य शेयरहोल्डर भी बेच सकते है हिस्सेदारी यस बैंक के अन्य निवेशक जैसे एक्सिस बैंक, कोटक महिंद्रा, ICICI और HDFC बैंक भी अपनी हिस्सेदारी बेच सकते हैं। इन बैंको के पास यस बैंक के कुल 7.36% शेयर हैं। इसके अलावा एडवेंट व कार्लाइल (9.2% और 6.84% शेयर) भी ओपन ऑफर के जरिए अपना शेयर बेच सकते हैं। सरकारी कंपनी LIC के पास यस बैंक में 3.98% शेयर हैं, जो डील में अहम भूमिका निभा सकते हैं। यस बैंक के शेयर में आज 10% की तेजी रही डील की खबरों के चलते मंगलवार को यस बैंक के शेयर में बड़ा उछाल देखने की मिला। शेयर ने 10% तेजी के साथ 19.44 रुपए का डे हाई बनाया। हालांकि शेयर अभी 1.47% तेजी के साथ 18 रुपए पर ट्रेड कर रहा है। कंपनी का शेयर 1 महीने में 7% का रिटर्न दे चुका है। 2023 में भी हिस्सेदारी खरीदने बात हुई थी इससे पहले 2023 में SMBC, यस बैंक में 51% वोटिंग राइट्स चाहती थी, लेकिन भारतीय कानून (26% वोटिंग कैप) के चलते डील नहीं हो पाई। इस बार SMBC ने 26% वोटिंग राइट्स की सीमा को स्वीकार कर लिया है, लेकिन कंपनी Yes Bank के बोर्ड में अपने डायरेक्टर्स नॉमिनेट कर प्रबंधन पर नियंत्रण चाहती है। यस बैंक की 710 से ज्यादा देशों में 1,200+ ब्रांच यस बैंक, बैंकिंग और फाइनेंशियल सर्विसेज प्रोवाइड करता है। बैंक की 710 से ज्यादा देशों में 1,200+ ब्रांच, 1300+ ATM और 8.2 मिलियन यानी 82 लाख से ज्यादा कस्टमर्स हैं। यस बैंक के फाउंडर राणा कपूर हैं। उन्होंने इस बैंक को 2004 में स्थापित किया था। बैंक के मैनेजिंग डायरेक्टर और चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (CEO) प्रशांत कुमार हैं। Post navigation सोना ₹1,479 बढ़कर ₹96,761 पर पहुंचा:साल के आखिर तक ₹1.10 लाख तक जा सकता है, चांदी ₹1,745 महंगी होकर ₹95,845 किलो बिक रही India’s Services sector PMI surges to 58.7 in April; sees stronger growth