एपल के CEO टिम कुक ने हाल ही दिए एक इंटरव्यू में कन्फर्म किया है कि अमेरिकी बाजार में बिकने वाले 50% आईफोन भारत में बन रहे हैं। कुक ने कहा कि भारत जल्द ही अमेरिका में बिकने वाले आईफोन्स का कंट्री ऑफ ओरिजिन बन जाएगा। उन्होंने बताया कि एयरपॉड्स, एपल वॉच जैसे अन्य प्रोडक्ट्स भी ज्यादातर वियतनाम से मंगाए जा रहे हैं। कंपनी को अमेरिका में टैरिफ की वजह से भारत और वियतनाम को प्राथमिकता देनी पड़ी। चीन में ज्यादा टैरिफ के मुकाबले भारत और वियतनाम से इंपोर्ट पर सिर्फ 10% टैक्स है। चीन पर ज्यादा टैरिफ के कारण भारत में शिफ्ट किया प्रोडक्शन यह फैसला ऐसे वक्त में लिया गया है, जब अमेरिका और चीन के बीच ट्रेड वॉर तेज हुआ है। ट्रंप के रेसीप्रोकल टैरिफ के बाद एपल को चीन पर निर्भरता कम करनी पड़ी। हालांकि, कुक ने दावा किया कि मार्च तिमाही में एपल पर इसका सीमित असर पड़ा, क्योंकि कंपनी ने सप्लाई चेन को तेजी से भारत और वियतनाम शिफ्ट किया है। 2026 तक देश में सालाना 6 करोड़+ आईफोन बनेंगे फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार चीन पर अपनी निर्भरता कम करने के लिए एपल काफी समय से अपनी सप्लाई चेन को वहां से बाहर शिफ्ट करने पर काम कर रही है। एपल अगर अपनी असेंबलिंग भारत की ओर इस साल के आखिर तक शिफ्ट कर लेती है, तो 2026 से यहां सालाना 6 करोड़ से ज्यादा आईफोन का प्रोडक्शन होगा। ये मौजूदा कैपेसिटी से दोगुना है। आईफोन मैन्यूफैक्चरिंग पर अभी चीन का दबदबा आईफोन के मैन्यूफैक्चरिंग पर अभी चीन का दबदबा है। IDC के अनुसार, 2024 में कंपनी के ग्लोबल आईफोन शिपमेंट में इसका हिस्सा लगभग 28% था। अमेरिकी मार्केट में बिकने वाले आईफोन का प्रोडक्शन चीन के बाहर शिफ्ट करने से कंपनी को हाई टैरिफ से बचने में मदद मिलेगी। मार्च-24 से मार्च-25 में 60% बढ़ा आईफोन प्रोडक्शन मार्च 2024 से मार्च 2025 तक के 12 महीनों में एपल ने भारत में 22 बिलियन डॉलर (करीब ₹1.88 लाख करोड़) वैल्यू के आईफोन बनाए। पिछले साल की तुलना में इसमें 60% की बढ़ोतरी हुई है। इस दौरान एपल ने भारत से 17.4 बिलियन डॉलर (करीब ₹1.49 लाख करोड़) वैल्यू के आईफोन एक्सपोर्ट किए। वहीं, दुनियाभर में हर 5 में से एक आईफोन अब भारत में बन रहा है। भारत में आईफोन की मैन्यूफैक्चरिंग तमिलनाडु और कर्नाटक की फैक्ट्रियों में किया जाता है। इसमें सबसे ज्यादा उत्पादन फॉक्सकॉन करता है। फॉक्सकॉन एपल का सबसे बड़ा मैन्यूफैक्चरिंग पार्टनर है। इसके अलावा टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स और पेगाट्रॉन भी मैन्युफैक्चरिंग करते हैं। FY 2024 में 8 बिलियन डॉलर आईफोन की सेल वित्त वर्ष 2024 में एपल के स्मार्टफोन की बिक्री 8 बिलियन डॉलर तक पहुंच गई। जबकि बाजार में इसकी हिस्सेदारी केवल 8% थी। भारत के उभरते मिडिल क्लास में अभी भी आईफोन एक लग्जरी बना हुआ है।इसलिए यहां मार्केट बढ़ने की उम्मीद है। एपल का भारत पर इतना ज्यादा फोकस क्यों? ————————- ये खबर भी पढ़ें… फॉक्सकॉन उत्तर प्रदेश में 300 एकड़ जमीन खरीद रही: यमुना एक्सप्रेसवे के पास बनाएगी मैन्यूफैक्चरिंग प्लांट, कंपनी एपल प्रोडक्ट्स सप्लाई करती है एपल के लिए आइफोन, आइपैड और मैक बुक जैसे प्रोडक्ट्स असेंबल करने वाली कंपनी फॉक्सकॉन उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में 300 एकड़ जमीन खरीदने जा रही है। यमुना एक्सप्रेसवे के पास इस जमीन पर कंपनी मैन्यूफैक्चरिंग प्लांट बनाएगी। यह फॉक्सकॉन का उत्तर भारत में पहला प्लांट होगा और बेंगलुरु में बनी मैन्यूफैक्चरिंग फैसिलिटी बड़ी होगी। उम्मीद है यह दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा प्लांट हो सकता है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… Post navigation मार्च में घरेलू हवाई यात्री 9% बढ़कर 1.45 करोड़ हुए:100 में 64 उड़ानें इंडिगो की-सबसे पंक्चुअल भी, बिगफ्लाई की उड़ानें सबसे ज्यादा कैंसिल हुईं ’Seismic shift in US trade policy…’: S&P cuts India’s GDP growth forecast for the second time in two months on Trump tariff uncertainty