एक्ट्रेस अर्चना पूरन सिंह ने हाल ही में बताया कि उनकी और परमीत सेठी की शादी कई मुश्किल दौरों से गुजरी। उन्होंने कहा कि शादी में दोनों के बीच गलतफहमियां और ईगो की वजह से झगड़े हुए। हाल ही में उनके बेटे आर्यमान सेठी ने एक व्लॉग में अर्चना ने बताया, “परमीत और मैं अपनी शादी के बहुत कठिन दौर से गुजर रहे थे। कभी-कभी एक-दूसरे को समझने में गलतियां होती थीं और कभी ईगो बीच में आ जाता था। जब दोनों कमजोर हो जाते हैं, तो शादी में मुश्किलें आती हैं।” अर्चना ने यह भी कहा कि इस चुनौती के बावजूद वह अपने रिश्ते को टूटने नहीं देना चाहती थीं। अर्चना ने बताया, “आर्यमान, तुम उस समय छोटे थे, लेकिन मैं जानती थी कि मेरे बच्चे हमेशा अपने पिता के पास रहेंगे। मैंने सोचा कि कोई भी उनके पिता से ज्यादा प्यार नहीं कर सकता। इसलिए मैंने यह रिश्ता खत्म नहीं होने दिया।” अर्चना ने बताया लोग हमें परफेक्ट कपल कहते हैं, लेकिन हम नहीं अर्चना ने कहा कि लोग उन्हें परफेक्ट कपल मानते हैं, लेकिन हम बिल्कुल परफेक्ट नहीं हैं। उन्होंने अपने बेटे से कहा कि हर रोज हम कम से कम 15 बार झगड़ते हैं। जिस पर बेटे ने कहा कि लेकिन आप दोनों एक-दूसरे के बिना नहीं रह सकते। बेटे की बात पर सहमति जताते हुए अर्चना ने कहा कि पापा तो बिल्कुल अकेले नहीं रह सकते। परमीत सेठी ने भी उस कठिन दौर के बारे में खुलासा किया था। उन्होंने बताया, “मैंने आर्ट ऑफ लिविंग कोर्स किया, अर्चना ने मुझे मजबूर किया। उस समय हम बहुत स्ट्रेस में थे और अक्सर लड़ते रहते थे। इस कोर्स के दौरान मेरी सारी दबाई हुई भावनाएं बाहर आईं। पहली बार मैंने अपनी बहन की याद में जोर-जोर से रोया। उस समय मैं बहुत डाइटिंग कर रहा था, लेकिन ध्यान में मैंने खुद को भरपेट खाना खाते हुए देखा।” बता दें कि अर्चना पूरन सिंह ने ‘कुछ कुछ होता है’ (1998) में मिस ब्रिगेंजा का रोल और ‘कॉमेडी सर्कस’, ‘द कपिल शर्मा शो’ जैसी कॉमेडी शो में जज के रूप में पहचान बनाई है। उन्होंने 100+ फिल्मों और टीवी सीरीज में काम किया। वहीं, परमीत सेठी ने ‘दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे’ (1995) में कुलजीत सिंह का रोल निभाकर पहचान पाई। उन्होंने ‘धड़कन’, ‘लक्ष्या’, रुस्तम’, ‘लैला मजनू’ जैसी फिल्मों में काम किया। उन्होंने फिल्म ‘बदमाश कंपनी’ (2010) को डायरेक्ट भी किया था। Post navigation मां के गहने बेचकर बनाई पहली फिल्म:‘गदर’ बनाने पर कहा गया ‘गटर’, 100 बार डिस्ट्रीब्यूटर्स के आगे हाथ-पैर जोड़े; फिर 800 करोड़ का रचा इतिहास पश्चिम बंगाल का चेहरा बनने पर बोले मिथुन चक्रवर्ती:बीजेपी पार्टी कुछ अलग ही है, फिर कभी बात करेंगे, मैं गॉसिप नहीं करता