मुंबई बेस्ड रियल एस्टेट कंपनी प्रणव कंस्ट्रक्शन्स लिमिटेड अपना इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग यानी IPO लाने का प्लान कर रही है। IPO के लिए कंपनी ने मार्केट रेगुलेटर सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) के पास ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) यानी ड्राफ्ट-पेपर्स फाइल किए हैं। कंपनी ₹10 की फेस वैल्यू पर यह IPO ला रही है। यह IPO फ्रेश इश्यू और ऑफर फॉर सेल (OFS) का कॉम्बिनेशन है। फ्रेश इश्यू के जरिए कंपनी 392 करोड़ रुपए की वैल्यू के शेयर्स बेचेगी। वहीं कंपनी के एक्जिस्टिंग शेयरहोल्डर्स और प्रमोटर्स OFS यानी ऑफर फॉर सेल के जरिए अपने 28,56,869 शेयर्स बेचेंगे। OFS में बायोऊर्जा इंडिया इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड 23,07,472 इक्विटी शेयर्स और रवि रामलिंगम अपने 5,49,397 इक्विटी शेयर बेच रहे हैं। कंपनी बुक-रनिंग लीड मैनेजर्स के कंसल्टेशन से प्री-IPO प्लेसमेंट के जरिए 78.40 करोड़ रुपए तक के स्पेसिफाइड सिक्योरिटीज एग्रीगेटिंग के इश्यू पर विचार कर सकती है। प्री-IPO प्लेसमेंट नए इश्यू के साइज के 20% से ज्यादा नहीं होगा। प्री-आईपीओ प्लेसमेंट पूरा हो जाने के बाद, इसके तहत जुटाई गई राशि को फ्रेश इश्यू से घटा दिया जाएगा। 10% हिस्सा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व यह ऑफर बुक-बिल्डिंग प्रोसेस के जरिए दिया जा रहा है। जिसमें ऑफर का 75% हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए रिजर्व रखा गया है। इसके अलावा 10% हिस्सा रिटेल इनवेस्टर्स और 15% हिस्सा नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NII) के लिए रिजर्व है। शेयरों को BSE-NSE पर लिस्ट किया जाएगा सेंट्रम कैपिटल लिमिटेड और PNB इन्वेस्टमेंट सर्विसेज लिमिटेड बुक-रनिंग लीड मैनेजर हैं और केफिन टेक्नोलॉजीज लिमिटेड ऑफर का रजिस्ट्रार है। इक्विटी शेयरों को BSE और NSE पर लिस्ट किया जाएगा। फंड का इस्तेमाल कहां-कहां करेगी कंपनी? कंपनी फ्रेश इश्यू से 223.75 करोड़ रुपए जुटाएगी। इस फंड का यूज कंपनी सरकारी और स्टेटरी अप्रूवल्स लेने, अंडर कंस्ट्रक्शन रिडेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स और अपकमिंग रिडेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स के लिए करेगी। वहीं 74 करोड़ रुपए के फंड का इस्तेमाल कंपनी अपने बकाया चुकाने, फ्यूचर रिडेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स और जनरल कॉर्पोरेट पर्पसेज को पूरा करने के लिए करेगी। Post navigation IRCTC और IRFC को नवरत्न का दर्जा मिला:सरकारी मंजूरी के बिना ₹1,000 करोड़ तक निवेश कर पाएंगी, निर्णय लेने की क्षमता बढ़ेगी मार्च-अप्रैल की गर्मी से घट सकती है गेहूं की उपज:पंजाब, हरियाणा और UP पर ज्यादा असर, बीते 4 साल से बढ़ रहे गेहूं के दाम