मुरैना के जौरा कस्बे में 8 साल बाद अग्रवाल महासभा के चुनाव होने जा रहे हैं। पहले नाम निर्देशन पत्र भरे गए थे, लेकिन चुनाव न कराने और वर्तमान अध्यक्ष को ही फिर से अध्यक्ष बनाए रखने का निर्णय लिया गया था। हालांकि, अध्यक्ष द्वारा पुराने पदाधिकारियों को बनाए रखने की जिद के कारण महासभा के सदस्यों में असहमति उत्पन्न हो गई, और आखिरकार दोबारा चुनाव कराने का निर्णय लिया गया। अब 9 मार्च को अग्रवाल धर्मशाला में सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक मतदान होगा। 8 उम्मीदवारों के बीच होगा चुनावी मुकाबला इस चुनाव में 19 उम्मीदवार अलग-अलग पदों के लिए अपना नामांकन पत्र दाखिल किए थे। नाम वापसी के लिए दोपहर 1:30 बजे से शाम 4:00 बजे तक का समय निर्धारित किया गया था। जिसमें से 11 ने अपने नाम वापस ले लिए। इसके बाद, महासभा के चुनावी प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया गया और मतदान 9 मार्च को होगा, जिसमें महासभा के सदस्य अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। चुनाव में चार प्रमुख पदों के लिए प्रतिस्पर्धा है- अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव और कोषाध्यक्ष। अध्यक्ष पद के लिए दावेदार 1. डॉ. अशोक सिंहल
2. सुनील सिंहल उपाध्यक्ष पद के लिए उम्मीदवार 1. जगदीश प्रसाद सर्राफ
2. विशम्बर दयाल मंगल कोषाध्यक्ष पद के लिए दावेदार 1. बनवारीलाल मित्तल
2. पुरुषोत्तम गुप्ता पटेल सचिव पद के लिए उम्मीदवार 1. राजू मंत्री
2. संजय गुप्ता (एडवोकेट) महासभा चुनाव का महत्व 8 साल बाद हो रहे इस चुनाव को लेकर महासभा के सदस्य और व्यापारिक समाज में उत्साह का माहौल है। यह चुनाव महासभा के भविष्य और समाज की दिशा को तय करने के लिए अहम माने जा रहे हैं। चुनाव जीतने वाले उम्मीदवार न केवल महासभा का नेतृत्व करेंगे, बल्कि जैन मंदिर और अग्रवाल धर्मशाला की देखरेख और प्रशासनिक कार्यों की जिम्मेदारी भी निभाएंगे। महासभा के सदस्य मतदान को लेकर उत्साहित इस बार के चुनाव को लेकर महासभा के सदस्यों में काफी उत्साह है। चूंकि यह चुनाव लंबे अंतराल के बाद हो रहे हैं, इसलिए इस बार महासभा के निर्णयों पर समाज की विशेष नजर है। 9 मार्च को अग्रवाल धर्मशाला में होने वाले मतदान से यह तय होगा कि महासभा का भविष्य कौन संभालेगा।