राजधानी में पर्यावास भवन और बिट्टन मार्केट में चल रहे हाउसिंग बोर्ड के कामों में रिश्वतखोरी को लेकर अफसरों में विवाद हो गया है। बोर्ड के उपायुक्त और कार्यपालन यंत्री ने इस काम की देखरेख करने वाले सहायक यंत्री और उपयंत्री पर अलग-अलग 39.36 लाख और 26.24 लाख की रिकवरी निकालते हुए मार्च महीने के वेतन से वसूली करने का आदेश जारी कर दिया है। इस पर पलटवार करते हुए सहायक यंत्री ने हाउसिंग बोर्ड के आयुक्त को पत्र लिखकर कहा है कि 65.60 लाख रुपए के काम में उपायुक्त और कार्यपालन यंत्री द्वारा ठेकेदार से अवैध वसूली के कार्य में सहयोग नहीं किया गया है। इसलिए सीनियर अफसरों ने रिकवरी निकाल दी है। इस मामले में शासन से हस्तक्षेप की भी मांग की गई है। इन अफसरों पर लगाया आरोप उपायुक्त ने जारी किया रिकवरी का आदेश सहायक यंत्री ने कहा है कि पॉल एक्का उपायुक्त द्वारा एक पत्र जारी किया गया है। जिसमें पर्यावास भवन के रेनोवेशन कार्य में तीसरे बिल के भुगतान में करप्शन का आरोप लगाते हुए उससे 39 लाख 36 हजार 235 रुपए और अधीनस्थ सब इंजीनियर राजेंद्र चौहान से 26 लाख 24 हजार 156 रुपए की वसूली मार्च माह से आगामी महीनों के वेतन राशि में से रिकवर करने की बात कही गई है। सहायक यंत्री ने कहा पैसे वसूली की नीयत से जारी किया आदेश सहायक यंत्री ने पत्र में लिखा है कि उस पर द्वेषवश और झूठे आरोप लगाकर ठेकेदार पर अनुचित दबाव बनाकर पैसे वसूली की नीयत से कार्यपालन यंत्री की मिलीभगत से यह पत्र जारी किया गया है। सहायक यंत्री ने कहा कि वह वर्तमान में प्रोबेशनरी सहायक यंत्री है और जो निर्देश कार्यपालन यंत्री से मिलते हैं उसका ही पालन करता हूं। मुख्यालय के रेनोवेशन कार्य में कार्यपालन यंत्री सीधे ही ठेकेदार को निर्देश देते हैं। इनके द्वारा समय समय पर मुख्यालय पर उपस्थित होकर कार्य की प्रगति भी देखी जाती है। नोटिस दिया न स्पष्टीकरण मांगा, वसूली का आदेश जारी किया सहायक यंत्री ने कहा है कि उससे 39 लाख 36 हजार 235 रुपए की वसूली अगले माह के वेतन से करने के निर्देश दिए गए हैं लेकिन इसको लेकर पूर्व में कोई नोटिस नहीं दिया गया और न ही स्पष्टीकरण मांगा गया है। इस तरह के आदेश से उसे मानसिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ रहा है और परिवार परेशानी में है। सहायक यंत्री ने कहा है कि उसका कसूर केवल इतना है कि उसके द्वारा इनके अनैतिक कार्य के लिए ठेकेदारों पर दबाव बनाकर पैसे वसूल नहीं करने में साथ नहीं दिया गया। इसलिए दोनों ही अधिकारी उससे और सब इंजीनियर से नाराज होकर पैसे की वसूली के निर्देश जारी किए हैं। सहायक यंत्री ने कहा कि अपर आयुक्त द्वारा उसकी ड्यूटी जीआईएस में लगा दी गई जिस कारण टेस्ट रिपोर्ट देने में विलम्ब हुआ है। Post navigation Exercise may help people with colon cancer live as long as those without cancer: Study ग्वालियर में नर्सिंग होम कर्मचारी की संदिग्ध मौत:सागरताल में मिला महिला का शव, एक दिन पहले गई थी काम पर