शहर में बोहरा समाज के 1600 परिवार रहते हैं। इन परिवारों के 15 साल से कम उम्र के बच्चों ने मोबाइल को हाथ लगाना बंद कर दिया है। समाज के 53वें धर्मगुरु सैयदना आलीकदर मुफ़द्दल सैफुद्दीन साहब के आदेश पर ये बदलाव हुआ है। इससे बच्चों की दिनचर्या बदल गई है। पहले जो बच्चे मोबाइल के बिना खाना-पीना नहीं करते थे, वे आज खेलकूद के साथ-साथ कुरान और अन्य धार्मिक पुस्तकें पढ़ रहे हैं। इसके साथ ही पढ़ाई पर भी ध्यान देने लगे हैं। समाज के लोगों ने बताया कि छोटे-छोटे बच्चे मोबाइल के इतने आदी हो गए थे कि इसे देखे बिना खाना नहीं खाते थे। मोबाइल गेम्स के कारण वे लगातार एकांकी और चिड़चिड़े हो रहे थे। आंखों पर भी इफेक्ट हो रहा था। मोबाइल के कारण शिक्षा के साथ-साथ धर्म के प्रति आस्था भी कम हो रही थी। यह सभी देखते हुए धर्मगुरु ने जो आदेश दिया उसके बाद से समाज के बच्चों में काफी परिर्वतन आ गया है। पहले जो समय बच्चे मोबाइल में बिताते थे वे अब खेलकूद के साथ ही अन्य गतिविधियों में भाग ले रहे हैं। स्पेशल रूम में कई तरह की गतिविधियां बच्चों में शारीरिक और मानसिक विकास हो। इसके लिए बुरहानी मोहल्ला में टेनिस कोर्ट बनाया गया है जहां बच्चे समय के अनुसार खेलने जाते हैं। वहीं सैफी बाग में ग्रीन टर्फ भी बनाया जा रहा है। यहां पर बच्चे क्रिकेट खेलेंगे। साथ ही बुरहानी मोहल्ला में स्थित मस्जिद के ऊपर स्पेशल रूम तैयार किया गया है। यहां बच्चों को पेटिंग, आर्ट एंड क्राफ्ट, धार्मिक और व्यवहारिक शिक्षा सहित अन्य गतिविधियां कराई जाएंगी। बच्चे ही नहीं, अब बड़े भी जरूरत के अनुसार ही मोबाइल यूज कर रहे बोहर समाज के न्यू तैयबियाह सीनियर सेकंडरी स्कूल में 750 बच्चे पढ़ रहे हैं। स्कूल के प्राचार्य शेख मुर्तजा शाकिर ने बताया कि नर्सरी से 8वीं तक 600 बच्चे पढ़ रहे हैं। ये सभी बगैर मोबाइल के रहते हैं। साथ ही समाज के जो बच्चे अन्य स्कूलों में पढ़ते हैं वे भी मोबाइल को हाथ नहीं लगाते हैं। लगभग ढाई-तीन माह पहले धर्मगुरु की मंशा के अनुरूप बच्चों ने हाथों में मोबाइल लेना बंद कर दिया है। पढ़ाई पर फोकस करने के साथ ही खेलकूद की गतिविधियों में बच्चे ध्यान दे रहे हैं। समाज के पीआरओ सलीम आरिफ ने बताया कि अब बड़े भी आवश्यकता अनुरूप ही मोबाइल हाथ में ले रहे हैं। Post navigation ACLU sues to block migrant transfers by US to Gitmo 220 करोड़ की सड़कें बदहाल…:जेके रोड बनते ही 70 जगह टूटी, कोलार सिक्सलेन में 40 से ज्यादा क्रैक, झटकों से लोग परेशान