बालाघाट में रविवार दोपहर करीब 3 बजे 56 वर्षीय पुलिस उपनिरीक्षक (एसआई) राजिक सिद्दीकी की अचानक तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। वे बालाघाट के वॉर्ड नंबर 13 में रहते थे, लेकिन उनकी पोस्टिंग छिंदवाड़ा जिले के परसिया थाने में थी। 28 फरवरी को 15 दिन के आंख के ऑपरेशन के अवकाश से वे ड्यूटी पर लौटे थे। इसके बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सुरक्षा ड्यूटी के लिए उन्हें बालाघाट भेजा गया था। 1 मार्च को वे लांजी के कोटेश्वर धाम में वे ड्यूटी पर थे। रात करीब 12 बजे वे घर लौटे। रविवार दोपहर करीब 1 बजे खाना खाने के बाद वे परसिया जाने वाले थे। इस बीच उनकी तबीयत बिगड़ गई। परिजन उन्हें बालाघाट जिला अस्पताल ले गए। वहां उनकी मौत हो गई। डॉ. अंकित राणा के अनुसार, प्रारंभिक जांच में ब्रेन स्ट्रोक से मौत होने की आशंका है। हालांकि, सटीक कारणों का पता पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से चलेगा। अस्पताल चौकी प्रभारी एएसआई शिवदयाल पटले ने बताया कि शव का पंचनामा और पोस्टमॉर्टम कराने के बाद परिजनों को सौंप दिया गया है। सोमवार को उनका सिपुर्दे खाक किया जाएगा। परिवार में पत्नी, बेटी और दो बेटे परिवार में पत्नी रुबीना सिद्दीकी, 24 वर्षीय बेटी मुस्कान, दो बेटे 21 वर्षीय अयान और 15 वर्षीय फाईज हैं। पत्नी को एक साल पहले हार्ट में समस्या हुई थी। उनका वर्तमान में दिल्ली से इलाज चल रहा है। बेटा अयान दिल्ली में कोचिंग कर रहा है। उपनिरीक्षक राजिक सिद्दीकी बालाघाट, कोतवाली, लांजी, लालबर्रा, किरनापुर थाने में पदस्थ रहे हैं। यहीं से उपनिरीक्षक में पदोन्नत होने के बाद वह परासिया थाने में पदस्थ हुए थे।