बालाघाट में रविवार से पवित्र माह रमजान की शुरुआत हो गई। मुस्लिम धर्मावलंबियों ने सुबह सहरी के साथ पहले रोजे की शुरुआत की। रोजेदारों ने दिनभर अल्लाह की इबादत की। शाम को सूर्यास्त के बाद कई मस्जिदों, मदरसों और इबादतगाहों में सामूहिक रोजा इफ्तार का आयोजन हुआ। शाम 6:18 बजे रोजेदारों ने एक साथ इफ्तार किया और दुआएं मांगी। जामा मस्जिद और जामिया नूरिया मदरसा सहित सभी मस्जिदों में रोजेदारों की भारी भीड़ देखी गई। इस दौरान छोटे बच्चों की उपस्थिति सबसे अधिक रही। इस्लाम धर्म में रमजान के पूरे महीने रोजे रखना हर मुसलमान के लिए फर्ज है। रोजे का अर्थ है परहेज करना। रोजेदार सूर्योदय से सूर्यास्त तक खाने-पीने और अन्य बुराइयों से दूर रहता है। मुस्लिम विद्वान हाजी शोएब खान के अनुसार, इसी पवित्र माह में अल्लाह की किताब ‘कुरान’ पैगंबर हजरत मोहम्मद पर उतारी गई। इसमें दुनिया के लिए भलाई और शांति का संदेश दिया गया है। रमजान में कुछ विशेष तारीखें होती हैं। पहला रोजा गौसे आजम की यौमे पैदाइश है। इसके अलावा तीसरा, सत्रहवां, इक्कीसवां और सत्ताइसवां रोजा विशेष महत्व रखता है। Post navigation सीएम की सुरक्षा ड्यूटी से लौटे एसआई की मौत:खाना खाने के बाद अचानक तबीयत बिगड़ी, एक दिन पहले ही छुट्टी से ड्यूटी पर आए थे Top 5 Call of Duty Players in 2025