भिंड की विशेष न्यायाधीश (एनडीपीएस एक्ट) अहमद रजा की अदालत ने गांजा की खेती करने के मामले में दोषी पाए गए एक आरोपी को 10 साल की सश्रम कारावास और एक लाख रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई। अदालत ने जुर्माना नहीं भरने पर छह महीने की अतिरिक्त सजा का भी आदेश दिया। खेत में मिले थे 752 गांजे के पौधे अभियोजन के अनुसार, 28 मई 2023 को लहार थाना पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि ग्राम पृथ्वीपुरा निवासी बलजीत राठौर अपने घर और पीछे के हिस्से में गांजे की खेती कर रहा है। पुलिस टीम मौके पर पहुंची और बलजीत को पकड़ लिया। तलाशी में उसके घर और आंगन से 752 हरे गांजा के पौधे बरामद हुए, जिनका कुल वजन 41 किलो 300 ग्राम था। पुलिस ने मौके पर पंचनामा बनाकर जब्ती कार्रवाई की और बलजीत को गिरफ्तार कर लिया। अदालत ने 10 साल की सजा सुनाई अभियोजन पक्ष की ओर से अपर लोक अभियोजक अवधेश कुमार चौधरी ने तर्क दिया कि इस तरह के अपराध समाज पर गहरा दुष्प्रभाव डालते हैं और युवाओं को नशे की ओर धकेलते हैं। वहीं, बचाव पक्ष के वकील ने कहा कि बलजीत पहली बार अपराध में लिप्त पाया गया है, इसलिए नरमी बरती जाए। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुनाते हुए कहा कि समाज को नशे से बचाने के लिए इस तरह के अपराधों पर सख्त कार्रवाई जरूरी है। अदालत ने आरोपी को दोषी मानते हुए 10 साल की सजा सुनाई और एक लाख रुपए का जुर्माना लगाया। Post navigation उज्जैन कलेक्टर ने घोषित की 2025 की स्थानीय अवकाश सूची:जानिए रंगपंचमी, महाकाल की राजसी सवारी सहित किस तहसील में कब रहेगी छुट्टी कोदई चावल से एक परिवार के तीन लोग बीमार:मऊगंज के तीनों मरीजों को रीवा अस्पताल में भर्ती कराया