छतरपुर के नौगांव में स्थित जैगपिन ब्रेवरीज लिमिटेड कॉक्स इंडिया डिस्टलरी से निकल रहा जहरीला पानी आसपास के इलाकों में समस्या बन गया है। फैक्ट्री प्रबंधन पर्यावरण नियमों और प्रदूषण बोर्ड के मानकों की अनदेखी कर रहा है। फैक्ट्री से निकलने वाला केमिकल युक्त पानी खुले नालों और सीलप नदी में छोड़ा जा रहा है। फैक्ट्री से भूमिगत पाइप लाइन के जरिए आधा किलोमीटर दूर नर्सरी की जमीन पर रात में विषैला पानी छोड़ा जाता है। इससे आसपास के खेतों की फसलें जल रही हैं और मवेशी बीमार हो रहे हैं। फैक्ट्री के एक किलोमीटर के दायरे में स्थित कुएं, हैंडपंप और ट्यूबवेल का पानी प्रदूषित हो चुका है। यह पानी नहाने के लिए भी उपयुक्त नहीं है। नहाने के बाद शरीर से बदबू आती है और खुजली की शिकायत होती है। किसान नरेंद्र यादव के अनुसार, सिंचाई के लिए इस पानी का उपयोग करने से फसलें सूख जाती हैं। ग्रामीण शंकर सिंह यादव ने बताया कि फैक्ट्री की वजह से पूरे क्षेत्र का जलस्तर खराब हो गया है। बीएमओ रविंद्र पटेल के मुताबिक, दूषित पानी पीने से मजदूरों को किडनी की बीमारी का खतरा है। गर्भवती महिलाओं के लिए यह विशेष रूप से खतरनाक है। स्थानीय लोगों ने कई बार प्रशासन से शिकायत की है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई है। इस मामले में नौगांव एसडीएम काजुल सिंह से संपर्क का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया। Post navigation NMOPS की पेंशन बहाली आंदोलन को लेकर तैयारी:दिल्ली में जंतर-मंतर पर 1 मई को कर्मचारियों का प्रदर्शन, भोपाल में हुई बैठक सरकारी नौकरी:राजस्थान में ड्राइवर के 2756 पदों पर भर्ती; 10वीं पास को मौका, एज लिमिट 40 साल