JNU यानी जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी में एकेडमिक सेशन 2025-26 के लिए PhD एडमिशन का रजिस्ट्रेशन प्रोसेस शुरू हो गया है। इंट्रेस्टेड स्टूडेंट्स jnuee.jnu.ac.in पर जाकर इसके लिए अप्लाई कर सकते हैं। इसका एप्लिकेशन प्रोसेस 7 जुलाई तक चलेगा। JNU छात्रसंघ अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर PhD एडमिशन का प्रोसेस शुरू होने के बाद छात्रसंघ के बैनर तले कुछ स्टूडेंट्स भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं। इस दौरान JNUSU के प्रेजिडेंट नितीश कुमार अपनी तीन मांगें सामने रखीं। इनकी मांग है कि… प्रोटेस्ट कर रहे स्टूडेंट्स का कहना है कि वो प्रशासन के सामने अपनी बात रखने को तैयार हैं लेकिन यूनिवर्सिटी प्रशासन उनकी बात सुनने को तैयार नहीं है। इसी वजह से जब तक उनकी बात सुनी नहीं जाएगी वो भूख हड़ताल पर बैठे रहेंगे। NET के आधार पर होता है PhD एडमिशन JNU में फिलहाल PhD एडमिशन NET की मेरिट के आधार पर होता है लेकिन छात्रसंघ दाखिला के लिए पुरानी व्यवस्था लागू करने की मांग कर रहा है। पुरानी व्यवस्था के तहत PhD एडमिशन के लिए JNU एंट्रेंस एग्जाम का आयोजन करता था। मामले को लेकर पिछले महीने JNU छात्र संघ कैंपस में जनमत संग्रह भी हो चुका है। ————– ऐसी ही और खबरें पढ़ें… यूनिवर्सिटी ने दलित असिस्टेंट प्रोफेसर की कुर्सी हटाई: जमीन पर बैठने को मजबूर; 20 साल से बिना पूरे वेतन के पढ़ा रहे बीते दिनों एक तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हुई जिसमें एक व्यक्ति जमीन पर कम्प्यूटर और फाइलें लगाकर काम कर रहा है। ये शख्स आंध्र प्रदेश की SVV यूनिवर्सिटी के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ रवि वर्मा हैं। डॉ वर्मा दलित समाज से आते हैं। आरोप है कि यूनिवर्सिटी के डिपार्टमेंट ने उनकी कुर्सी हटा दी, जिसके विरोध में वे जमीन पर ही बैठकर काम करने लगे। पूरी खबर पढ़ें… Post navigation ‘एग्जाम हाल में छिपकली थी, जिससे पेपर बिगड़ा’:JEE Advanced एस्पिरेंट ने की शिकायत; कहा- Mains का स्कोर माना जाए हफ्ते की टॉप जॉब्स:एमपी आंगनवाड़ी में 19,503 भर्ती, बिहार में स्पेशल टीचर की 7729 वैकेंसी, इस हफ्ते 34 हजार से ज्यादा नौकरियां