भारत की तीसरी बड़ी इलेक्ट्रिक टू व्हीलर मैन्युफैक्चरर ओला इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को वित्त वर्ष 2024-25 की चौथी तिमाही में 870 करोड़ रुपए का शुद्ध नुकसान (कॉन्सोलिडेटेड नेट लॉस) हुआ है। एक साल पहले की समान तिमाही में कंपनी को 416 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ था। सालाना आधार पर कंपनी का लॉस 50% बढ़ा है। कंपनी ने आज (29 मई, गुरुवार) को तीसरी तिमाही के नतीजे जारी किए हैं। ऑपरेशन से कंपनी के रेवेन्यू की बात करें तो जनवरी मार्च तिमाही में यह 611 करोड़ रुपए रहा है। सालाना आधार पर घाटा दो गुना हुआ है। एक साल पहले की समान तिमाही में कंपनी ने 1,598 करोड़ रुपए का रेवेन्यू जनरेट किया था। वस्तुओं और सेवाओं को बेचने से मिली राशि को रेवेन्यू या राजस्व कहा जाता है। व्हीकल्स की बिक्री में तीसरे नंबर पर पहुंची ओला इसके अलावा ओला इलेक्ट्रिक बिक्री के मामले में तीसरे नंबर पहुंच गई है। वाहन पोर्टल के अनुसार मई महीने में कंपनी की बाजार हिस्सेदारी 20% रह गई है।बीते साल मई के मुकाबले व्हीकल्स की बिक्री में 60% की गिरावट आई है। 2025 के मई महीने में सिर्फ 15,221 वाहन रजिस्टर हुए, जबकि पिछले साल मई में यह आंकड़ा 37,388 था। वहीं पुराने प्लेयर TVS मोटर 25% मार्केट शेयर के साथ पहले नंबर पर है। बजाज ऑटो 22.6% हिस्सेदारी के साथ दूसरे स्थान पर है। एथर एनर्जी का मार्केट शेयर अप्रैल के 14.9% से घटकर मई में 13.1% रह गया। ओला इलेक्ट्रिक का शेयर इस साल 38% गिरा गुरुवार को ओला इलेक्ट्रिक का शेयर 0.5% की तेजी के साथ ₹53.20 रुपए पर बंद हुआ। एक महीने में ओला का शेयर 6% से ज्यादा चढ़ा है। वहीं पिछले एक साल में शेयर 41% से ज्यादा टूटा है। ओला का मार्केट कैपिटल 22.20 हजार करोड़ रुपए है। क्या होता है स्टैंडअलोन और कॉन्सोलिडेटेड? कंपनियों के रिजल्ट दो भागों में आते हैं- स्टैंडअलोन और कॉन्सोलिडेटेड। स्टैंडअलोन में केवल एक यूनिट का वित्तीय प्रदर्शन दिखाया जाता है। जबकि, कॉन्सोलिडेटेड या समेकित फाइनेंशियल रिपोर्ट में पूरी कंपनी की रिपोर्ट दी जाती है। 2017 में ओला इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की हुई थी स्थापना बेंगलुरु स्थित ओला इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की स्थापना 2017 में हुई थी। कंपनी मुख्य रूप से ओला फ्यूचर फैक्ट्री में इलेक्ट्रिक व्हीकल, बैटरी पैक, मोटर्स और व्हीकल फ्रेम बनाती है। Post navigation US economy contracts 0.2% in Q1 amid tariff-driven disruption; imports, weak spending weigh on growth JSW Steel flags risks from elevated Chinese exports, urges vigilance on imports from FTA nations