बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) के शेयर में कुछ ट्रेडिंग एप्स पर 65% की गिरावट दिखाई है। शुक्रवार को शेयर प्राइज तीन गुना गिरकर 2,450 रुपए पर पहुंच गया है। लेकिन यह गिरावट कंपनी के पेर्फोमेंस की वजह से नहीं, बल्कि शेयर होल्डर्स को बोनस शेयर मिलने के बाद की कीमत में हुए ऐडजस्टमेंट के कारण है। दरअसल, BSE ने शेयर होल्डर्स को हर 1 शेयर पर देने का 2 बोनस शेयर देने का एलान किया था। जब किसी कंपनी के शेयर पर बोनस शेयर दिए जाते हैं, तो उनकी कीमत उसी अनुपात में घटा दी जाती है। असल में BSE के शेयर में आज करीब 5% की तेजी रही। आसान शब्दों में समझें गिरावट का कारण मान लीजिए आपके पास BSE के 100 शेयर हैं, हर शेयर की कीमत 2,450 रुपए है। कंपनी ने शेयर होल्डर्स को हर 1 शेयर पर देने का 2 बोनस शेयर देने का एलान किया। अब बोनस मिलने के बाद आपके 300 शेयर (100 पुराने + 200 नए) हो जाएंगे। लेकिन हर शेयर की कीमत भी बोनस के अनुपात में घटकर यानी करीब 816 रुपए (2450 ÷ 3) रह जाएगी। शेयर की कीमत तो घटी है, लेकिन आपके पास शेयरों की संख्या बढ़ जाएगी। कुल मिलाकर, आपकी निवेश की रकम वही रहेगी। 27 मई को मिलेंगे नए बोनस शेयर कंपनी ने बोनस शेयर के लिए 23 मई को रिकॉर्ड डेट रखा है। यानी 22 मई तक शेयर खरीदने वाले सभी शेयर होल्डर्स बोनस के हकदार होंगे। 27 मई से ये नए शेयर शेयर होल्डर्स के डीमैट अकाउंट में पहुंचेंगे। शेयर की कीमत तो घटी है, लेकिन आपके पास शेयरों की संख्या बढ़ जाएगी। कुल मिलाकर, आपकी निवेश की रकम वही रहेगी। 5 साल में 5,200% का रिटर्न दे चुका BSE का शेयर पिछले पांच साल में BSE के शेयरों में 5,200% से ज्यादा की वृद्धि हुई है, जबकि पिछले एक साल में स्टॉक ने 177% का रिटर्न दिया है। वहीं पिछले छह महीनों में इसमें लगभग 50% की तेजी रही है। पिछले एक महीने में शेयर 12% तक चढ़ा है। 20 मई को शेयर 7,588 रुपए पर अपने 52 वीक हाई के स्तर पर पहुंचा था। बड़े प्रॉफिट की वजह से मिले बोनस शेयर BSE ने वित्त वर्ष 2025 में सालाना (YoY) आधार पर अपने नेट प्रॉफिट 494 करोड़ रुपए रहा था। इसमें 362% की बढ़ोतरी हुई थी। कंपनी का रेवेन्यू भी 75% की ग्रोथ के साथ 847 करोड़ रुपए पर रहा। अच्छे मुनाफे के कारण कंपनी ने तोहफे के तौर पर अपने शेयर होल्डर्स को बोनस शेयर दिए हैं। Post navigation India likely to allow government contracts to US firms amid trade talks GST council set to convene soon; tax simplification, compensation cess likely on agenda