इंडियन रिन्यूएबल एनर्जी डेवलपमेंट एजेंसी यानी, इरेडा ने 510 करोड़ रुपए के डिफॉल्ट के लिए जेनसोल इंजीनियरिंग के खिलाफ दिवालिया कार्यवाही की मांग की है। यह याचिका दिवाला और दिवालियापन संहिता की धारा 7 के तहत दायर की गई है। जेनसोल के को-फाउंडर अनमोल जग्गी और उनके भाई पुनीत सिंह जग्गी ने मंगलवार को कंपनी के डायरेक्टर पद से इस्तीफा दे दिया था। एक महीने पहले मार्केट रेगुलेटर सेबी ने उन्हें कंपनी में प्रमुख पदों पर रहने पर रोक लगा दी थी। दोनों भाइयों पर फंड डायवर्जन का आरोप है। तीन चैप्टर में पूरा मामला जानें… चैप्टर-1: संकट चैप्टर-2: हेराफेरी चैप्टर-3: शुरुआत जेनसोल तीन सेगमेंट में काम करती है: Post navigation Urbanisation with sustainability: SBI calls for more Smart Cities and AMRUT projects वोडाफोन आइडिया ने सुप्रीम कोर्ट में राहत मांगी:AGR ड्यूज पर ₹30,000 करोड़ के पेनल्टी-ब्याज को माफ करने की मांग; 4% चढ़ा शेयर