सीएम विष्णु देव साय ने जल संसाधन विभाग और सचिव राजेश टोप्पो के इनोवेटिव कार्य योजनाओं के प्रेजेंटेशन की प्रशंसा की

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आयोजित जल संसाधन विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई जिसमें अमिताभ जैन, मुख्य सचिव, राजेश टोप्पो, सचिव जल संसाधन विभाग, केदार कश्यप मंत्री जल संसाधन विभाग, सुबोध सिंह, प्रमुख सचिव सीएम, श्रीमती शीतल शाश्वत वर्मा, विशेष सचिव, वित्त विभाग, इन्द्रजीत उइके, प्रमुख अभियंता एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण मौजूद रहे।

बैठक में सचिव जल संसाधन विभाग राजेश टोप्पो द्वारा विभाग के प्रमुख संरचनाओ एवं विभागीय गतिविधियों की जानकारी विस्तार में प्रस्तुत की गई। साथ ही विभाग में निर्माणधीन एवं प्रस्तावित सिचाई योजनाओं की जानकारी दी गई, जिस पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने विभाग के कार्यों की सराहना करते हुए विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिये कि प्रदेश में निर्मित्त सिचाई योजनाओं में रूपांकित सिचाई क्षमता एवं वास्तविक सिचाई क्षमत्ता में अंतर बहुत ज्यादा है जिसे कम करने हेतु विशेष कार्ययोजना तैयार किया जावे।

इसी के साथ मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि बस्तर एवं सरगुजा संभाग में लंबे समय से अधूरे योजनाओं को पूर्ण किया जाने हेतु आवश्यक कार्यवाही की जाए और विभागीय राजस्व में बढोत्तरी हेतु Metering, Billing, Payment एवं मॉनिटरिंग हेतु 6 माह के भीतर आवश्यक व्यवस्था बनाया जावें।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अधिक से अधिक परियोजना में जल उपयोग की दक्षता बढ़ाये जाने हेतु Under Ground Pipeline के माध्यम से सिंचाई, पेयजल, औद्योगिक प्रयोजन हेतु आवश्यक कार्ययोजना तैयार किए जाने के लिए सचिव राजेश टोप्पो को निर्देश दिए इसी के साथ मुख्यमंत्री ने प्रदेश में चल रही कुछ बड़ी परियोजनाओं तथा पाईपलाईन के कार्यों को PPT मॉडल में कराये जाने हेतु वित्तीय प्रस्ताव प्राप्त करने के निर्देश भी दिए।

जल संसाधन विभाग की विभागीय समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने निर्माणाधीन वृहद परियोजनाओं को शीघ्र पूर्ण किया जाने के निर्देश दिए ताकि किसानों को समय से योजना का लाभ प्राप्त हो सके।

मुख्यमंत्री ने जल संसाधन विभाग की बड़ी परियोजनाओं में भारत सरकार से वित्तीय सहायता प्राप्त करने हेतु आवश्यक प्रस्ताव यथाशीघ्र प्रस्तुत किया जाने हेतु सचिव राजेश टोप्पो को कहा और राज्य में भू-जल की दृष्टि से क्रिटिकल / सेमी क्रिटिकल घोषित 26 विकास खण्डो में परियोजनाओं के निर्माण हेतु प्रस्ताव प्रस्तुत किया जाने के निर्देश दिए।