संत पिता माधवाचारी मिश्र के संघर्ष का जिक्र कर भावुक हो जाते हैं सीपी भोपाल हरिनारायण चारी मिश्रा

जानें 5 बहनों और 1भाई के लाडले हरिनारायण चारी मिश्रा के संघर्ष की कहानी

पूज्यनीय संत माधवाचारी मिश्र को शत् शत् नमन जिन्होंने देश को हरिनारायण के रूप में दिया रत्न

संघर्ष के समय पेड़ के नीचे बोरे पर बैठ की पढ़ाई करने वाले पहले इंदौर और अब भोपाल के कमिश्नर पुलिस

रेलवे में रहते हुए क्रेक की UPSC, सरकारी स्कूल से पूरी की थी प्रारंभिक शिक्षा

बिहार के सीवान जिला निवासी IPS अधिकारी हरिनारायण चारी मिश्र भोपाल सीपी है। मध्यप्रदेश में 40 सालों के बाद पुलिस प्रणाली में कमिश्नरी सिस्टम की शुरुआत हुई है। IPS अधिकारी हरिनारायण चारी मिश्र को इंदौर के बाद भोपाल का कमिश्नर बनाया गया है। भोपाल के कमिश्नर हरिनारायण चारी मिश्र बिहार के सीवान जिला निवासी हैं। जिले के छोटे से गांव से इंदौर और भोपाल के कमिश्नर तक सफर तय किया।

मध्यप्रदेश में 40 सालों के बाद पुलिस प्रणाली में कमिश्नरी सिस्टम की शुरुआत हुई है। IPS अधिकारी हरिनारायण चारी मिश्र वर्तमान में भोपाल के कमिश्नर है उन्होंने बिहार के सीवान जिले के छोटे से गांव से पहले इंदौर के कमिश्नर ओर अब भोपाल के कमिश्नर तक सफर तय किया।

हरिनारायण चारी मिश्र 2003 बैच के मध्यप्रदेश कैडर के IPS अधिकारी हैं। हरिनारायण मिश्र ने सीवान के रघुनाथपुर जिले के सरकारी स्कूल में बोरे पर बैठकर अपनी प्राथमिक शिक्षा ली है। उन्होंने कहा कि- “युवा अगर लगातार परिश्रम करें तो निश्चित तौर पर हम जीवन में कुछ अच्छा कर सकते हैं। मुझे लगता है कि गांव में लोगो को लगता है कि संसाधन नहीं है, युवाओं को लगता है कि हम कम संसाधन में है, लेकिन ऐसा नहीं है। अगर आपके पास इच्छा शक्ति हो और मेहनत करेंगे तो सफलता अवश्य मिलेगी।’’

हरिनारायण चारी मिश्र की प्राथमिक शिक्षा राजपुर में सरकारी विद्यालय में हुई। वहां वे जमीन पर बैठकर पेड़ के नीचे पढ़ा करते थे। प्राथमिक शिक्षा रघुनाथपुर मध्य विद्यालय में 8वीं तक फिर उच्च विद्यालय राजपुर से 1990 में 10 वीं की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद सीवान के DAV कॉलेज से 1992 में इंटर प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण की। इसके बाद वे उच्च शिक्षा के लिए BHU चले गए। जहां से उन्होंने 1993-96 में इतिहास ऑनर्स में ग्रेजुएशन किया। इसके बाद BHU से ही इतिहास विषय में मास्टर की पढ़ाई की।

हरिनारायण चारी मिश्रा PCS पास कर बने ट्रेजरी अधिकारी फिर IRTS और उसके बाद बने IPS PG करने के साथ ही उन्होंने 1998 में PCS का परीक्षा पास किया और उत्तर प्रदेश में ट्रेजरी अधिकारी बन गए। जहां सेवा देने के दौरान सिविल सर्विसेज की परीक्षा की तैयारी जारी रखी। 2001 में IRTS पास कर रेलवे अधिकारी बन गए। रेलवे की नौकरी करते हुए हरिनारायण चारी मिश्रा ने UPSC की तैयारी की। इसके बाद अगले साल यानी 2002 में UPSC का परीक्षा दिया। जहां 2003 में आए परीक्षा परिणाम में वे IPS बन गए। उन्हें मध्यप्रदेश राज्य का कैडर मिला।

हरिनारायण चारी मिश्र के IPS अधिकारी बनने के मात्र 6 माह बाद ही दिसंबर महीने में उनके पिता माधवाचारी मिश्र का निधन हो गया। घर पर मां के साथ छोटे भाई रहते हैं। आज भी जब भी समय मिलता है वह गांव जाते हैं। 6 महीने में एक बार वह गांव जरूर आते हैं। हरिनारायण चारी मिश्रा कर्तव्य निष्ठा और ईमानदारी से कार्य करते हुए इंदौर के पहले पुलिस कमिश्नर बने फिर अभी वर्तमान में भोपाल के पुलिस कमिश्नर हैं। वे घर से दूर होते हुए भी अपनी जिम्मेदारियों के साथ साथ परिवार की चिंता करते हैं।

हरिनारायण चारी मिश्रा के माता-पिता शिक्षक थे सीवान के रघुनाथपुर के रहने वाले स्व. माधवाचारी मिश्र के बेटे और भोपाल के पुलिस कमिश्नर हरिनारायण चारी का जन्म 3 दिसंबर 1975 को सिवान के रघुनाथपुर में हुआ था। उनके माता पिता दोनों सरकारी स्कूल के शिक्षक रहे हैं। वे 5 बहन और 2 भाई में दूसरे नंबर पर है।

बड़ी बहन नीलू मिश्रा (गृहिणी), दूसरे नम्बर पर हरिनारायण चारी मिश्र (पुलिस कमिश्नर, भोपाल), तीसरे नंबर पर जयश्री मिश्रा (गोपालगंज में शिक्षिका) , चौथे नम्बर पर दामोदर चारी मिश्रा (राजपुर इंटर कॉलेज में शिक्षक), पांचवे नम्बर पर अनुराधा मिश्रा (रघुनाथपुर गर्ल्स मिडिल स्कूल में शिक्षिका रही है, बाद छठे नंबर पर नूतन मिश्रा (पुणे रहती है), सातवे नम्बर सबसे छोटी बहन निधि मिश्रा (BPSC क्लियर कर मुजफ्फरपुर में प्रोफेसर) हैं।