निवेश का मतलब सिर्फ़ सही स्टॉक या बॉन्ड चुनना नहीं है; बल्कि, इसका मतलब है एक ऐसा पोर्टफोलियो बनाना जो जोखिम को कम करते हुए ज़्यादा रिटर्न दे। इसे एसेट एलोकेशन के ज़रिए हासिल किया जा सकता है, यानी इक्विटी, डेट और गोल्ड जैसे अलग-अलग एसेट क्लास में निवेश फैलाकर एक डायवर्सिफाइड पोर्टफोलियो हासिल किया जा सकता है। धन कमाने की कुंजी सबसे अच्छा स्टॉक चुनना या बाजार में सही समय पर निवेश करना नहीं है, बल्कि सही समय पर सही एसेट चुनना और उचित एलोकेशन बनाए रखना है। यह दृष्टिकोण सुनिश्चित करता है कि अप्रत्याशित घटनाओं से धन का बहुत ज़्यादा नुकसान न हो। एक अच्छी तरह से डायवर्सिफाइड पोर्टफोलियो लंबे समय में स्थिरता और विकास की ओर ले जाता है और इसलिए यह दीर्घकालिक निवेशकों के लिए एक महत्वपूर्ण रणनीति है। Post navigation मुद्रा योजना के 10 साल, ₹32 लाख करोड़ लोन दिया:लाभार्थियों में 68% महिलाएं; मोदी बोले- योजना ने लोगों के सपनों को हकीकत बनाया RBI Monetary Policy Committee Meeting: Date, time, how to watch live streaming of RBI Governor Sanjay Malhotra’s MPC announcement