neet-सॉल्‍वर-गैंग-में-शामिल-2-लड़कियां-स्‍टेट-टॉपर-थीं:पिता-हर-महीने-7-हजार-भेजते-थे,-अब-गिरफ्तार-बेटी-से-मिलने-भी-नहीं-जाते

नीट परीक्षा में पकड़े गए अंतरराज्यीय सॉल्वर गैंग में दो मेधावी छात्राओं के नाम सामने आए हैं, जो खुद स्टेट टॉपर रह चुकी हैं। वे खुद मेडिकल और नर्सिंग कॉलेजों की होनहार छात्रा हैं। उनके परिवार वाले अपने खर्च में से पैसे बचाकर हर महीने उन्हें पैसे भेजते थे ताकि वे नर्सिंग की डिग्री पाकर परिवार का नाम रोशन कर सकें। Re Neet एग्जाम में इन दोनों का नाम आने से इनके अभिभावक इतने नाराज है कि जेल में मिलना भी नहीं चाहते। आर्थिक तंगी के चलते वे कैसे नीट सॉल्वर गैंग का हिस्सा बनी, जानिए : झारखंड की स्टेट टॉपर थी पूनम कुमारी पूनम झारखंड की स्टेट टॉपर रह चुकी हैं। पूनम ने जैक इंटर साइंस परीक्षा में सफलता जरूर हासिल की, लेकिन तीन बार NEET परीक्षा देने के बावजूद वह सफल नहीं हो सकी। बार-बार की असफलता और आर्थिक दबाव के कारण उसे साल 2025 में बीएचयू (वाराणसी) में BSc नर्सिंग कोर्स में एडमिशन लेना पड़ा।

हर महीने पिता पूनम को भेजते थे 7000 रुपए पूनम के पिता बालेश्वर राणा ने बताया कि वे हर महीने अपनी जरूरतों को दरकिनार कर किसी तरह सात हजार रुपये बेटी को भेजते थे। पूनम फोन पर सिर्फ इतना ही कहती थी कि पढ़ाई में बहुत व्यस्त है। इसी का बहाना बनाकर वह पिछले सात महीने से घर नहीं आई थी। पिता को इस बात की भी जानकारी नहीं की वह वाराणसी से लखीसराय कब और कैसे पहुंच गई। पूनम के पिता बालेश्वर प्रसाद राणा ने बताया कि वह बेटी के इस काम से बहुत दुखी हैं। उनकी बेटी ने ऐसा कर घर-गांव की प्रतिष्ठा को बर्बाद कर दिया। वे गिरफ्तार बेटी से मिलने तक जाना नहीं चाहते। चंचल ने NEET पास किया लेकिन एडमिशन नहीं मिला चंचल कुमारी ने वर्ष 2018 में NEET UG में सफलता प्राप्त की थी, लेकिन नामांकन में देरी के कारण मेडिकल कॉलेज में एडमिशन नहीं मिल सका। बाद में 2021 में ओडिशा के राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज में बीएएमएस कोर्स में एडमिशन लिया। वे अभी फाइनल ईयर की छात्रा हैं। पलामू की रहने वाली चंचल के छोटे भाई सतीश मेहता ने बताया कि करीब 10 दिन पहले चंचल घर आई थी, वह किसी के बहकावे या लालच में आकर इस मामले में फंस गई है। उसके दोनो भाई आयुर्वेद चिकित्सक हैं। वे अपनी बहन को डॉक्टर बनाना चाहते थे। पूनम और चंचल कुमारी के सॉल्वर गैंग के चंगुल में आने के बाद आर्थिक अपराध शाखा ने भी जांच शुरू कर दी है। हालांकि, दोनों के परिवार वाले हैरान है कि उनकी बेटी ने ऐसा क्यों किया। सॉल्वर गैंग के चंगुल में कैसे फंसी, इसकी जानकारी परिवार के लोगों को नहीं है। दोनों का मोबाइल भी कई दिनों से स्वीच ऑफ आ रहा था। ————— ये खबर भी पढ़ें… राजस्‍थान में 900 फिजिकल टीचर्स भर्ती की परीक्षा रद्द:13 सितंबर को होना था एग्‍जाम, अगले साल तक बढ़ सकता है इंतजार राजस्थान में सरकारी स्कूलों में पीटीआई (फिजिकल एजुकेशन टीचर) बनने की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों को बड़ा झटका लगा है। दरअसल पीटीआई भर्ती परीक्षा सितंबर 2026 में होना थी। लेकिन भर्ती नियमों से जुड़े मुद्दों के कारण अब इसे रद्द कर दिया गया है। पूरी खबर यहां पढ़ें