3 मई को हुई NEET UG परीक्षा के एग्जाम सेंटर वीडियोज इस साल भी वायरल हैं। अलग-अलग राज्यों में छात्र छात्राओं की सख्ती से चेकिंग के वीडियोज सोशल मीडिया पर शेयर किए जा रहे हैं। इनमें से कुछ ऐसे हैं जो चर्चा का विषय बने हैं। बुर्का पहनकर सेंटर पहुंची छात्रा पहला वीडियो राजस्थान के बाड़मेर जिले का है, जिसमें बुर्का पहने एक NEET एस्पिरेंट को बस चेहरा आडेंटिफाई करके एग्जाम सेंटर में एंट्री मिल गई। इस वीडियो पर कईयों का कहना है कि इतनी सख्त चेकिंग के बीच किसी को बुर्का पहनकर एग्जाम सेंटर में घुसने की इजाजत कैसे दी जा रही है। हालांकि, इस वीडियो के आधार पर यह स्पष्ट नहीं है कि छात्रा को पेपर देने की अनुमति मिली है। वीडियो में छात्रा चेकिंग कराकर आगे जाते दिखाई दे रही है। छात्रा से उतरवाई तुलसी माला वहीं दूसरा वीडियो गुजरात के सूरत का है, जहां एक छात्रा को कंठी (तुलसी माला) के साथ एंट्री नहीं मिलने पर काफी बवाल हुआ। वीडियो में छात्रा के पिता ने इस सख्त चेकिंग को लेकर कई सवाल उठाए। उन्होंने ये तक कह दिया कि ‘हम सूरत में हैं, पाकिस्तान में नहीं।’ एग्जाम में बुर्का अलाउड नहीं, फिर इसके साथ एंट्री कैसे? इसके बाद सोशल मीडिया पर ऑनलाइन डिबेट-सी छिड़ गई कि एक ओर इतनी सख्त चेकिंग जहां हिंदू धर्म के प्रतीकों तक को नहीं छोड़ा जा रहा, वहीं दूसरी ओर मुस्लिम कैंडिडेट को बुर्का के साथ एग्जाम सेंटर में एंट्री मिली। वो भी तब जबकि NEET एग्जाम में हिजाब तो अलाउड है पर बुर्का नहीं। रबड़बैंड-कलावा कटवाया, इन सबमें पढ़ा हुआ भूली इसी बीच NEET 2024 क्वालिफाई करने वाली एक डॉक्टर की भी वीडियो वायरल हुई, जिसमें उन्होंने 2024 में अपने एग्जाम का अनुभव साझा किया है। उन्होंने बताया कि एग्जाम सेंटर में एंट्री से पहले कलावा कटवाया था, रबड़बैंड तक हटाने को कह दिया था। वो आगे कहती हैं, ‘इन सबके चक्कर में इतना क्यॉटिक माहौल हो गया था कि जितना मैंने पढ़ा था, उससे ज्यादा तो मैं भूल रही थी। उस वक्त मुझे बुखार तक आ गया।’ सीकर में पजामे का नाड़ा-चेन काटकर हटाया, फिर एंट्री तीसरा वीडियो भी राजस्थान के सीकर का है, जिसमें कैंडिडेट्स के पजामे का नाड़ा और यहां तक कि चेन भी काटकर निकाला गया। इसके बाद ही एंट्री मिली। चौथा वीडियो तमिलनाडु के नामक्कल जिले का है, जहां एक छात्र को एडमिट कार्ड पर लगी सेम फोटो साथ नहीं लाने पर सेंटर में एंट्री नहीं मिली। 20.05 लाख कैंडिडेट्स एग्जाम देने पहुंचे ऐसे कुछ बवालों के बावजूद 3 मई को NEET एग्जाम सफल हुआ। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के मुताबिक, NEET UG 2026 में करीब 20.05 लाख कैंडिडेट्स एग्जाम देने पहुंचे। इस एग्जाम के लिए 22.79 लाख से ज्यादा उम्मीदवारों ने रजिस्ट्रेशन किया था। NTA के ऑफिशियल नोटिस के मुताबिक, 3 मई को देश के 551 शहरों और देश के बाहर के 14 शहरों के एग्जामिनेशन सेंटर्स पर एग्जाम हुए। एग्जाम दोपहर 2 से शाम 5 बजे तक ऑफलाइन मोड यानी पेन-पेपर मोड में आयोजित हुई थी। NEET UG 2026 का पेपर बैलेंस्ड, लेकिन लेंदी रहा दिल्ली में विशनरी मास्टर्ज के डायरेक्टर हरप्रीत सिंह के मुताबिक, NEET UG 2026 परीक्षा का स्तर कुल मिलाकर मॉडरेट रहा। हालांकि, अभ्यर्थियों के मुताबिक पेपर बैलेंस्ड, लेकिन लेंदी था। फिजिक्स सेक्शन रैंक डिसाइडिंग फैक्टर साबित हो सकता है फिजिक्स वाला सेक्शन काफी चैलेंजिग रहा, जिसमें करेंट करेंट इलेक्ट्रिसिटी, मैग्नेटिक इफेक्ट्स, जैसे विषयों से कॉन्सेप्चुअल और कैलकुलेटिव सवाल ज्यादा पूछे गए, जिससे ये सेक्शन रैंक डिसाइडिंग फैक्टर साबित हो सकता है। केमिस्ट्री में ज्यादातर सवाल NCERT बेस्ड केमिस्ट्री का लेवल आसान से मॉडरेट रहा, जहां फिजिकल केमिस्ट्री आसान रही, जबकि ऑर्गेनिक केमिस्ट्री के कुछ सवाल थोड़े पेचीदा थे और ज्यादातर सवाल NCERT बेस्ड थे। बायोलॉजी में एस्पिरेंट्स की कॉन्सेप्चुअल अंडरस्टैंडिंग को परखा बायोलॉजी सबसे ज्यादा स्कोरिंग सेक्शन रहा, जिसमें Human Physiology, Genetics, Biotechnology और Plant Physiology जैसे टॉपिक्स से सीधे सवाल पूछे गए। इस साल बायोलॉजी सेक्शन में स्टेटमेंट-बेस्ड और मैच-द-कोलम जैसे ज्यादा सवाल रहे, जिनमें एस्पिरेंट्स की कॉन्सेप्चुअल अंडरस्टैंडिंग, NCERT की लाइन-बाई-लाइन समझ और आपस में मिलते-जुलते कॉन्सेप्ट्स में अंतर करने की क्षमता को परखा गया, न कि सिर्फ रटने की क्षमता को। कुल मिलाकर पेपर में कॉन्सेप्ट की समझ और NCERT पर पकड़ को प्रायॉरिटी दी गई और एस्पिरेंट्स का मानना है कि सवाल आसान थे, लेकिन अच्छा स्कोर करने के लिए टाइम मैनेजमेंट बेहद जरूरी रहा। स्टोरी – सोनाली राय —————————– ये खबर भी पढ़ें… NEET-एस्पिरेंट अंकिता का एडमिट कार्ड मलबे में दबा, वीडियो वायरल:एग्जाम से एक दिन पहले घर टूटा और डॉक्टर बनने का सपना भी आज 3 मई को देशभर में NEET का एग्जाम हुआ। इससे ठीक एक दिन पहले, जहां एक ओर सारे एस्पिरेंट्स इसकी आखिरी तैयारी में लगे थे, वहीं दूसरी ओर भोपाल की NEET एस्पिरेंट अंकिता दांगी मलबे में से अपना एडमिट कार्ड खोज रही थी। वही मलबा जो शनिवार सुबह तक उसका घर था। पूरी खबर पढ़ें… Post navigation रोहित जैन RBI के डिप्टी गवर्नर अपॉइंट हुए:नियाशी ट्राइब की पहली PhD होल्डर डॉ जोरम नीति आयोग की मेंबर बनीं, 4 मई के करेंट अफेयर्स आज की सरकारी नौकरी:गुजरात में हेल्थ वर्कर के 1948 पदों पर भर्ती; भारतीय सेना में 190 वैकेंसी निकलीं