नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) ने FO एक्सपायरी डे को बदलने के अपने फैसले को सोमवार तक टाल दिया है। इससे पहले मार्च में NSE ने कहा था कि 4 अप्रैल से एक्सपायरी गुरुवार की जगह सोमवार को होगी। यह निफ्टी के मंथली, क्वार्टर्ली और हाफ ईयरली कॉन्ट्रैक्ट्स पर भी लागू होने वाला था। निफ्टी, बैंक निफ्टी, फिन निफ्टी, निफ्टी मिडकैप सिलेक्ट और निफ्टी नेक्स्ट50 के फ्यूचर्स और ऑप्शंस कॉन्ट्रैक्ट्स के मंथली और तिमाही एक्सपायरी दिन भी एक्सपायरी महीने के अंतिम सोमवार को ट्रांसफर किए जाने थे।अभी निफ्टी के वीकली कॉन्ट्रैक्ट्स की एक्सपायरी गुरुवार को होती है। NSE का यह फैसला भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) के परामर्श पत्र के बाद आया है। सेबी ने प्रस्ताव दिया है कि सभी स्टॉक एक्सचेंजों में इक्विटी डेरिवेटिव्स के लिए एक्सपायरी के दिनों का एक मानक बना दिया जाए, इन्हें मंगलवार या गुरुवार तक सीमित किया जाए। SEBI के कंसल्टेशन पेपर के मुताबिक… हर एक एक्सचेंज को अपने सभी डेरिवेटिव्स कॉन्ट्रैक्ट्स के लिए मंगलवार या गुरुवार में से किसी एक दिन को चुनना होगा। हर एक एक्सचेंज अपने चुने हुए दिन पर केवल एक बेंचमार्क इंडेक्स कॉन्ट्रैक्ट के लिए वीकली एक्सपायरी ऑफर कर सकता है। बाकी सभी कॉन्ट्रैक्ट एक्सचेंज के चुने हुए दिन के अनुसार महीने के अंतिम मंगलवार या अंतिम गुरुवार को एक्सपायर होंगे। इक्विटी डेरिवेटिव्स कॉन्ट्रैक्ट – बेंचमार्क इंडेक्स फ्यूचर्स, गैर-बेंचमार्क इंडेक्स FO, और सिंगल स्टॉक FO की न्यूनतम अवधि एक महीने होगी। इस कदम से एक्सपायरी के दिन फिक्स्ड और स्थिर होंगे। इसका मकसद कंसनट्रेशन का जोखिम कम करना और मार्केट में स्थिरता लाना है। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज बाजार का फीडबैक लेगा बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज यानी, BSE ने कहा है कि वो डेरिवेटिव्स एक्सपायरी नियमों में बदलाव पर प्रतिक्रिया देने से पहले बाजार का फीडबैक लेगा। बीएसई के शेयरों में आज 15% की तेजी है। यह 5,378 रुपए पर कारोबार कर रहा है। Post navigation सेंसेक्स 250 अंक नीचे 77,350 पर कारोबार कर रहा:निफ्टी 100 अंक लुढ़का, महिंद्रा, इंफोसिस और पावर ग्रिड के शेयर में 4% की गिरावट म्यूचुअल फंड में महिलाएं पुरुषों से ज्यादा निवेश कर रहीं:एम्फी-क्रिसिल की रिपोर्ट- इनकी हिस्सेदारी बढ़कर एक चौथाई हुई, AUM ₹11 लाख करोड़