पाकिस्तानी-क्रिकेटर-ने-बल्ले-से-बनाई-बंदूक:फिल्म-एसोसिएशन-ने-भड़ककर-कहा-ये-शहीदों-सेना-का-अपमान;-दिलजीत-माफी-नहीं-मांगते-तो-बहिष्कार-जारी-रहेगा

21 सितंबर को दुबई में भारत–पाकिस्तान का मैच हुआ था। इस दौरान पाकिस्तानी क्रिकेटर साहिबजादा फरहान ने हाफ सेंचुरी पूरी होने पर जीत का जश्न मनाया, जिससे अब बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। दरअसल, उन्होंने हाफ सेंचुरी के बाद बल्ले को बंदूक की तरह पकड़ा और शूट करने का एक्शन किया। इस पर अब AICWA (ऑल इंडिया सिने वर्कर्स एसोसिएशन) ने भड़कते हुए इसकी कड़ी निंदा की है। एसोसिएशन ने ऑफिशियल सोशल मीडिया अकाउंट से लिखा है, ‘हाल ही में हुए भारत-पाकिस्तान क्रिकेट मैच के दौरान पाकिस्तान के एक खिलाड़ी ने अपना बल्ला बंदूक की तरह उठाकर भीड़ की ओर ताना। यह न केवल खेलभावना का अपमान था बल्कि भारत, हमारे शहीदों और हमारी सेना के प्रति एक खुला अपमान था। यह मैदान पर खेल नहीं, बल्कि आतंकवाद का प्रदर्शन था।’ आगे लिखा गया है, ‘AICWA हमेशा से ही अपने रुख पर स्पष्ट और अडिग रहा है, किसी भी पाकिस्तानी कलाकार को भारतीय फिल्म उद्योग में काम नहीं करने दिया जाएगा। जो भी भारतीय फिल्म निर्माता या प्रोड्यूसर पाकिस्तानी गायक, अभिनेता या परफॉर्मर को काम देंगे, उन्हें AICWA द्वारा पूरी तरह से बहिष्कृत किया जाएगा।’ ‘जब सरदार जी 3 फिल्म बनाई गई थी, तब अभिनेता-निर्माता दिलजीत दोसांझ ने पाकिस्तान के कलाकारों के साथ मिलकर काम किया। AICWA ने इस गद्दारी का कड़ा विरोध किया और तब से दिलजीत दोसांझ पर प्रतिबंध लगाया हुआ है। चाहे कोई उन्हें बॉर्डर 2 जैसी फिल्मों में काम दे, लेकिन जब तक वह सार्वजनिक रूप से देश से माफी नहीं मांगते, AICWA उनका बहिष्कार करता रहेगा।’ आगे लिखा गया है, ‘इसी तरह, AICWA ने फिल्म अबीर गुलाल और उसके निर्माताओं व मुख्य सहयोगियों पर भी प्रतिबंध लगाया है। यह एक स्पष्ट और अडिग निर्णय है, जो लोग ऐसे देश के कलाकारों को बढ़ावा देते हैं जो खुलेआम आतंकवाद को समर्थन देता है, वे 140 करोड़ भारतीयों की भावनाओं और हमारी सेना के बलिदान के साथ विश्वासघात करते हैं। AICWA सभी देशभक्त नागरिकों से आह्वान करता है कि वे एकजुट हों, क्योंकि यह राजनीति का नहीं बल्कि हमारे वीर सैनिकों के सम्मान का मुद्दा है।’ एसोसिएशन ने BCCI की भी कड़ी निंदा की है। उन्होंने लिखा, ‘दुर्भाग्य से, BCCI के लिए हमेशा पैसा देश से ऊपर रहा है। उन्होंने इस शर्मनाक मैच को सिर्फ मुनाफे के लिए होने दिया और यह भूल गए कि भारत की असली पहचान हमारे वीर सैनिक हैं, न कि भ्रष्ट क्रिकेट बोर्ड। यहां तक कि ICC चेयरमैन जय शाह भी इस मैच को रोक सकते थे, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। उनकी खामोशी ही बहुत कुछ कहती है। AICWA का स्पष्ट संदेश है-यह राष्ट्र सिर्फ हमारे सैनिकों का है। भारत का निर्माण उनके बलिदान पर हुआ है, न कि क्रिकेट, पैसे या कायरता पर। राष्ट्र पहले, हमेशा।’ एसोसिएशन के अलावा भी क्रिकेटर साहिबजादा फरहान की इस हरकत पर जमकर आलोचना हो रही है। कांग्रेस के कई लीडर्स ने इसे शर्मनाक कहा है। बताते चलें कि ये मैच 22 सितंबर को हुआ था, जिसमें भारत ने पहले बॉलिंग की और फिर 6 विकेट से मैच जीता। मैच के दौरान भारतीय बल्लेबाज अभिषेक की पाकिस्तानी प्लेयर रऊफ से भी बहस हुई थी।