फाइनेंस मिनिस्ट्री ने इंश्योरेंस रेगुलेटरी डेवलपमेंट अथॉरिटी (IRDAI) के चेयरमैन के पद पर भर्ती निकाली है। इसके लिए मिनिस्ट्री ने एप्लिकेशंस यानी आवेदन मांगे हैं। इस पद के लिए एप्लीकेशन सबमिट करने की आखिरी तारीख 6 अप्रैल 2025 है। दरअसल, IRDAI के मौजूदा चेयरमैन देबाशीष पांडा का कार्यकाल 13 मार्च को समाप्त हो रहा है। यही वजह है कि मिनिस्ट्री ने एप्लिकेशंस यानी आवेदन मांगे हैं। पांडा ने 14 मार्च 2022 को तीन साल की अवधि के लिए IRDAI के चेयरमैन के रूप में कार्यभार संभाला था। इसके अलावा पांडा ने फाइनेंस मिनिस्ट्री के तहत डिपार्टमेंट ऑफ फाइनेंशियल सर्विसेज में सेक्रेटरी के रूप में भी काम किया है। आवेदक के पास 30 साल का एक्सपीरियंस होना चाहिए IRDAI के एडवर्टाइजमेंट नोटिफिकेशन के अनुसार, एप्लीकेंट्स यानी आवेदकों के पास कम से कम 30 साल का रिलेवेंट वर्क एक्सपीरियंस होना चाहिए। इसके अलावा एप्लीकेंट भारत सरकार या इसके बराबर स्तर या राज्य सरकार या अन्य संस्थानों में सेक्रेटरी के रूप में काम किया होना चाहिए। आवेदकों के पास डिसीजन मेकिंग में अथॉरिटी और लीडरशिप का ट्रैक रिकॉर्ड होना चाहिए। वहीं प्राइवेट सेक्टर के आवेदकों के पास किसी बड़े फाइनेंशियल इंस्टिट्यूशन के CEO या उसके बराबर लेवल के पद पर काम करने का अनुभव होना चाहिए। नोटिफिकेशन में बताया गया है कि डेट ऑफ वैकेंसी तक आवेदक की कम से कम दो साल की सर्विस बाकी होनी चाहिए। इसके अलावा आवेदक की उम्र उस तारीख को 63 साल से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। IRDAI चेयरमैन को ₹5.62 लाख सैलरी दी जाएगी IRDAI चेयरमैन को मकान और कार की सुविधा के बिना 5.62 लाख रुपए सैलरी दी जाएगी। इंश्योरेंस रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी एक्ट 1999 के प्रोविजंस यानी प्रावधानों के अनुसार, 65 साल की उम्र के बाद कोई भी व्यक्ति चेयरमैन के पद पर नहीं रह सकता है। नोटिफिकेशन में बताया गया है कि सरकार एडमिनिस्ट्रेटिव एक्सिजेंसीज यानी प्रशासनिक अनिवार्यताओं के कारण किसी भी स्टेज पर अपॉइंटमेंट प्रोसेस और सिलेक्शन को बिना कोई कारण बताए रद्द करने या वापस लेने का अधिकार सुरक्षित रखती है। यह अपॉइंटमेंट फाइनेंशियल सेक्टर रेगुलेटरी अपॉइंटमेंट सर्च कमेटी की सिफारिश पर केंद्र सरकार द्वारा की जाएगी। यह कमेटी पद के लिए आवेदन करने वाले लोगों के अलावा योग्यता के आधार पर किसी अन्य व्यक्ति की पहचान करने और उसकी सिफारिश करने के लिए भी स्वतंत्र है। बेस्ट कैंडिडेट्स के मामले में कमेटी एलिजिबिलिटी, क्वालिफिकेशंस और एक्सपीरियंस क्राइटेरिया में छूट की भी सिफारिश कर सकती है।