अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने शुक्रवार देर रात कहा, ‘भारत हमसे बहुत ज्यादा टैरिफ वसूलता है। आप भारत में कुछ भी नहीं बेच सकते। हालांकि भारत अब अपने टैरिफ में बहुत कटौती करना चाहता है, क्योंकि हम उनके किए की पोल खोल रहे हैं।’ ट्रम्प ने मीडिया ब्रीफिंग में कहा- हमारे देश को हर किसी ने लूटा है। लेकिन अब यह बंद हो गया है। मैंने अपने पहले कार्यकाल में इसे बंद करवाया था। अब हम इसे पूरी तरह से बंद करने जा रहे हैं, क्योंकि यह बहुत गलत है। अमेरिका को आर्थिक, वित्तीय और व्यापार की नजर से दुनिया के लगभग हर देश ने लूटा है। ट्रम्प के इस बयान पर भारत सरकार ने अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। ट्रम्प 2 अप्रैल से भारत समेत दुनियाभर के देशों पर जैसा को तैसा टैरिफ लगाने का ऐलान कर चुके हैं। उन्होंने कहा था कि भारत हमसे 100% से ज्यादा टैरिफ वसूलता है, हम भी अगले महीने से ऐसा ही करने जा रहे हैं। भारत-अमेरिका के बीच व्यापार… 2 अप्रैल से दुनियाभर में जैसे को तैसा टैरिफ लगाएंगे ट्रम्प ट्रम्प ने 5 मार्च को संसद के जॉइंट सेशन में रिकॉर्ड 1 घंटा 44 मिनट का भाषण दिया था। भाषण की शुरुआत अमेरिका इज बैक, यानी ‘अमेरिका का दौर लौट आया है’ से की थी। उन्होंने कहा था कि उन्होंने 43 दिन में जो किया है वह कई सरकारें अपने 4 या 8 साल के कार्यकाल में नहीं कर पाईं। उन्होंने कहा था- 2 अप्रैल से अमेरिका में ‘रेसिप्रोकल टैरिफ’ लागू होगा। यानी वे हम पर जितना टैरिफ लगाएंगे, हम भी उन पर उतना ही लगाएंगे। वे हम पर जितना टैक्स लगाएंगे, हम भी उन पर उतना ही टैक्स लगाएंगे। ट्रम्प ने हंसते हुए कहा कि मैं इसे 1 अप्रैल को लागू करना चाहता था, लेकिन फिर लोग इसे ‘अप्रैल फूल’ समझते। ट्रम्प ने कहा था कि उनके प्रशासन के तहत, अगर कोई कंपनी अमेरिका में अपना प्रोडक्ट नहीं बनाएगी, तो उसे टैरिफ देना होगा। कुछ मामलों में, यह टैरिफ बहुत बड़ा होगा। दूसरे देश अमेरिका पर भारी टैक्स और टैरिफ लगाते हैं, जबकि अमेरिका उन पर बहुत कम लगाता है। यह बहुत अन्यायपूर्ण है। दूसरे देश दशकों से हम पर टैरिफ लगाते आ रहे हैं, अब हमारी बारी है। रूस पर भी टैरिफ लगा सकते हैं ट्रम्प ट्रम्प ने शुक्रवार को ये भी कहा कि जब तक रूस, यूक्रेन के साथ युद्ध रोकने और शांति का समझौता करने के लिए राजी नहीं हो जाता है, तब तक हम रूस के ऊपर भी टैरिफ और बैंकिंग प्रतिबंध लागू करने के बारे में सोच रहे हैं। ट्रम्प ने कहा कि मुझे लगता है कि हम रूस के साथ बहुत अच्छा कर रहे हैं, लेकिन अभी वे यूक्रेन पर बमबारी कर रहे हैं। अंतिम समझौते के लिए रूस से निपटना आसान हो सकता है, क्योंकि उनके पास सभी कार्ड हैं। वहीं, मुझे यूक्रेन से निपटना बहुत कठिन लग रहा है। उनके पास कोई कार्ड नहीं है। युद्ध रोकने के लिए सभी लोग सहमत हों, इसके लिए यूक्रेन को बोर्ड में शामिल होना होगा। अगले हफ्ते सऊदी अरब में हम यूक्रेन से मिल रहे हैं। ………………………….. अमेरिका से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… ‘आंख के बदले आंख’ की तर्ज पर टैरिफ लगाएंगे ट्रम्प: भारत को हर साल ₹61 हजार करोड़ का नुकसान, अमेरिकी सामान सस्ते हो सकते हैं अमेरिका 2 अप्रैल से भारत पर ‘आंख के बदले आंख’ की तर्ज पर रेसिप्रोकल टैरिफ लगाएगा। इसका मतलब यह कि भारत जितना टैरिफ अमेरिकी कंपनियों से आने वाले सामान पर लगाएगा, अमेरिका भी उतना ही टैरिफ भारतीय कंपनियों के अमेरिका जाने वाले सामान पर लगाएगा। पूरी खबर पढ़ें… Post navigation What could be the impact of Trump’s tariff flip flop on Indian stock market? GST rates set to drop: FM Nirmala Sitharaman