भारतीय स्टॉक मार्केट रेगुलेटर SEBI ने नेस्ले इंडिया को इनसाइडर ट्रेडिंग नियमों के उल्लंघन पर चेतावनी दी है। SEBI के अनुसार, नेस्ले इंडिया के बड़े अधिकारी ने इन नियमों का उल्लंघन किया है। हालांकि, इस अधिकारी की पहचान का खुलासा अभी नहीं हुआ है। SEBI के डिप्टी जनरल मैनेजर ने कॉन्ट्रा-ट्रेड नियमों के तहत नेस्ले इंडिया को वार्निंग लेटर जारी किया है। नेस्ले ने मामले से जुड़ी ज्यादा जानकारी देने से इनकार कर दिया है। नेस्ले ने कहा- फाइनेंशियल एक्टिविटी पर कोई असर नहीं नेस्ले इंडिया ने बताया कि चेतावनी का उनके बिजनेस पर कोई असर नहीं पड़ा है। कंपनी की रेगुलर और फाइनेंशियल एक्टिविटीज सामान्य तरीके से ऑपरेट हो रहीं हैं। कॉन्ट्रा -ट्रेड में 6 महीने तक नहीं बेच सकते शेयर कॉन्ट्रा -ट्रेड में किसी कंपनी के इनसाइडर (जैसे अधिकारी या कर्मचारी) को एक तय समय सीमा के भीतर अपनी कंपनी के शेयरों को खरीदने या बेचने की मनाही होती है। SEBI के नियमों के अनुसार, कोई इनसाइडर अगर कंपनी के शेयर खरीदता है, तो कम से कम 6 महीने तक उन्हें बेच नहीं सकता। शेयर को बेचने पर कॉन्ट्रा-ट्रेड नियमों का उल्लंघन माना जाता है। एक साल में 13.25% गिरा नेस्ले का शेयर नेस्ले का शेयर शुक्रवार को 20.50 (0.93%) रुपए बढ़कर 2,221.70 रुपए पर बंद हुआ। बीते एक साल में कंपनी का शेयर 13.25% गिरा है। कंपनी का मार्केट कैप 2.16 लाख करोड़ रुपए है। इनसाइडर ट्रेडिंग क्या होती है किसी कंपनी के कर्मचारी या अधिकारी का कंपनी से जुड़ी गोपनीय जानकारी हासिल कर लाभ कमाने के लिए स्टॉक मार्केट में शेयर खरीदने को इनसाइडर ट्रेडिंग कहा जाता है। SEBI ने इन मामलों में कार्रवाई के लिए सख्त नियम बनाए हैं। Post navigation National Savings Certificate vs Bank Fixed Deposits: Tax benefits, interest calculation & TDS compared Infosys unit rolls out RTO guidelines for effective delivery; reiterates 10-day WFO policy