बड़वानी में होली से पहले आदिवासी समुदाय का विशेष पर्व भोंगर्या शुरू हो गया है। होलिका दहन से पहले जिले में 40 से अधिक स्थानों पर भोंगर्या हाट लगेंगे। पहला हाट 7 मार्च को मेणीमाता, बोकराटा, वरला, राखीबुजुर्ग, मेहतगांव, मोयदा और तलवाड़ा डेब में लगेगा। रोजगार के लिए गुजरात, महाराष्ट्र और कर्नाटक गए हजारों आदिवासी इस पर्व पर अपने गांव लौट रहे हैं। बस स्टैंड पर इन दिनों परिवारों के साथ लौटते ग्रामीण दिखाई दे रहे हैं। ये लोग दीपावली के बाद केला और गन्ना कटाई, भवन निर्माण और ईंट भट्टों पर काम करने जाते हैं। 28 फरवरी से शुरू हुए त्योहारी हाट 6 मार्च तक चलेंगे। 9 मार्च को जिला मुख्यालय पर महाभोंगर्या हाट लगेगा। इन हाटों में आदिवासी समाज के लोग होली पूजन की सामग्री, कपड़े, श्रृंगार सामान और किराना खरीदेंगे। भोंगर्या हाट की खास बात है कि यहां थाली, ढोल-मांदल और बांसुरी की धुन पर लोग नृत्य करते हैं। व्यापारियों को इन हाटों से अच्छे कारोबार की उम्मीद है। आदिवासी समाज के लिए होली और भोंगर्या विशेष महत्व रखते हैं। इस दौरान पूरा परिवार एक साथ जमा होकर त्योहार का आनंद लेता है। आधुनिक युग में युवा नए कपड़े, चश्मे, जूते-चप्पल सहित अन्य सामग्री खरीदकर उन्हें पहनकर भोंगर्या हाट में शामिल होते हैं। कब-कहा लगेंगे भौंगर्या हाट Post navigation विदिशा में दो दिन चली वन विभाग की कार्रवाई:255 हेक्टेयर वन भूमि से हटा अवैध कब्जा; दो जेसीबी और 14 ट्रैक्टरों से हटाई फसल जबलपुर में स्कूली बच्चों के तालाब में डूबने की आशंका:सर्चिंग जारी, स्थानीय लोग बोले- बच्चों को नहाते देखा था, तालाब किनारे मिले जूते-कपड़े