पंजाब महिला आयोग ने बॉलीवुड और पंजाबी गायक हनी सिंह और करण औजला के गानों को लेकर जांच शुरू की है। आयोग का कहना है कि इनके गाने महिलाओं के सम्मान को नुकसान पहुंचाते हैं। इसी वजह से आज यानी 11 अगस्त को दोनों को आयोग के सामने बुलाया गया है। आयोग की चेयरपर्सन राज लाली गिल ने बताया कि दोनों से ऐसे गाने गाए जाने की वजह पूछी जाएगी और भविष्य में ऐसे गाने नहीं चलने दिए जाएंगे। साथ ही, उम्मीद है कि आज पुलिस की रिपोर्ट भी आ जाएगी। आयोग की चेयरपर्सन ने खुद गाने सुने पंजाब महिला आयोग की चेयरपर्सन राज लाली गिल ने बताया कि उन्होंने खुद सोशल मीडिया पर हनी सिंह और करण औजला के गाने सुने। इनके बाद आयोग ने इस मामले में सख्त कार्रवाई शुरू की। आयोग ने पुलिस को लिखा है कि हनी सिंह के गाने ‘मिलेनियर’ में महिलाओं के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा इस्तेमाल हुई है। वहीं, करण औजला के गाने ‘एमएफ गबरू’ में भी महिलाओं के लिए अनुचित शब्दों का प्रयोग हुआ है, जो पूरी तरह गलत है। महिला आयोग ने डीजीपी को आदेश दिए हैं कि चंडीगढ़ की पंजाब पुलिस एक अधिकारी को इस मामले की जांच और कड़ी कार्रवाई के लिए निर्देश दे। पुलिस आज दोनों गायक के खिलाफ की गई कार्रवाई की रिपोर्ट भी आयोग को देगी। पहले भी विवाद में रहे दोनों सिंगर सरकार कर सकती है एक्शन अगर किसी भी राज्य सरकार को लगे कि किसी गायकों के गानों का समाज पर गलत असर पड़ रहा है या इससे माहौल खराब हो सकता है, तो वह उन गानों पर बैन लगा सकती है। पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला के ‘एसवाईएल’ गाने पर भी रोक लगाई गई थी। इसी तरह हरियाणा में सिंगर मासूम शर्मा के कुछ गानों को यूट्यूब से हटाया जा रहा है। इसके अलावा, पंजाबी गानों में गन कल्चर को प्रमोट करने पर भी कार्रवाई की जाती है। Post navigation बॉडी बनाने के लिए सलमान के पास गए थे ऋतिक:जिम की चाबियां देकर बोले- ये तुम्हारा हुआ, रात 2 बजे कॉल कर वर्कआउट करने बुलाते थे फैसल के बयान पर आमिर खान के परिवार की सफाई:कहा- निजी मामले को गपशप में न बदलें, उनके मानसिक स्वास्थ्य के लिए सबने मिलकर फैसले लिए थे