टाटा कंपनी द्वारा बदली गई नई लाइन के चलते दो दिन के लिए बंद की गई शहर में जलापूर्ति कई हिस्सों में तीन दिन तक बंद रही। शनीचरी टंकी के क्षेत्र में ही 60 घंटे बाद जलापूर्ति की गई। अन्य हिस्सों में तीन दिन बाद ही जलापूर्ति हुई। इसमें कई जगह पीला और मटमैला पानी आने की शिकायत लोगों ने की। नगर निगम के जलप्रदाय विभाग और टाटा कंपनी वालों ने बताया कि नई पाइपलाइन जोड़ने के कारण ऐसा हुआ। नई लाइन से पानी सप्लाई के पहले पानी करीब 10 से 12 घंटे तक बहाना था। परंतु जैसे ही ऐसा किया गया, पंडापुरा क्षेत्र में स्थानीय लोगों ने विरोध करना शुरू कर दिया। उन्होंने कहा कि शहर दो दिन से प्यासा है टंकियां भरने की जगह पानी बहाया जा रहा है। इसके चलते 5 घंटे पानी बहाने के बाद टंकियों में भरना शुरू कर दिया गया। इससे पीला और मटमैला पानी घरों में सप्लाई हो गया। हालांकि यह समस्या सुबह की शिफ्ट में ही हुई सप्लाई वाले क्षेत्रों में ज्यादा रही। शाम को टंकियां भरने के बाद जहां सप्लाई हुई, वहां ऐसा पानी नहीं आया। 4 जगह नई पाइपलाइन डलने से 9 बड़े लीकेज बंद हुए हैं। इससे रोजाना 5 लाख लीटर पानी बचेगा, जो पहले व्यर्थ बह जाता था। इस हिसाब से देखा जाए तो रोजाना 5 हजार घरों में होने वाली जलापूर्ति के जितना पानी लीकेज बंद होने से बचेगा। पूर्व जलप्रदाय अध्यक्ष बोले- 10 दिन का पानी बढ़ेगा, मैनेजमेंट भी करें नई पाइपलाइन बदलने के बाद निगम के पूर्व जलप्रदाय अध्यक्ष नरेश यादव ने पत्र जारी किया है। इस काम के लिए उन्होंने महापौर संगीता सुशील तिवारी, निगमाध्यक्ष वृंदावन अहिरवार, निगमायुक्त राजकुमार खत्री और ननि के जलप्रदाय विभाग एवं टाटा के अमले का आभार जताया है। साथ ही कहा है इससे जो लीकेज बंद हुए हैं, उससे जो पानी बचेगा, उससे गर्मी के मौसम में शहर में 10 दिन के लिए अतिरिक्त जलापूर्ति की जा सकेगी। उन्होंने सभी से कहा है कि इस बार गर्मियों में जलसंकट न हो उसके लिए बार-बार की टेस्टिंग बंद हो। वॉटर मैनेजमेंट करें।