अमले को भी बुलाने के बाद दी सूचना, मोबाइल जमा कराए‎ सुबह 10 बजे से रात 8 बजे तक जारी रही विभाग की कार्रवाई मप्र के जंगलों से दिन में सागौन के पेड़ काटकर रात में राजस्थान तक सप्लाई करने वाले तस्करों का तिलिस्म तोड़ने ब्यावरा के सुठालिया में वन विभाग ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। रविवार सुबह राजगढ़ डीएफओ बेनीप्रसाद दोतानिया ने गुना और विदिशा डीएफओ, एसडीओ, 20 रेंजर और 300 जवानों के साथ 30 फर्नीचर कारोबारियों पर छापा मारकर 1 करोड़ से ज्यादा की सागौन की सिल्लियां और फर्नीचर जब्त किया है। इनके दस्तावेज चेक किए जा रहे हैं। सुबह 10 बजे से शुरू हुई कार्रवाई रात 8 बजे तक जारी थी। दैनिक भास्कर ने 27 और 28 फरवरी को खबर प्रकाशित कर सागौन तस्करी का खेल उजागर किया था । इसके बाद कार्रवाई शुरू की गई है। राजगढ़ डीएफओ बेनीप्रसोद दोतानिया ने बताया, सागौन जब्ती की कार्रवाई के लिए 5 ट्रक और 10 छोटे लोडिंग वाहन मंगवाए गए। इन लोडिंग वाहनों में जब्ती की गई सागौन और सागौन का फर्नीचर भरकर फिलहाल लटेरी में वन विभाग के सुरक्षित स्थान पर भेजा गया है। सागौन की जब्ती इतनी ज्यादा है कि सुठालिया से ट्रक और लेडिंग वाहनों के कई फेरे लगवाने पड़े। लकड़ियां इतनी कि 5 ट्रक और 10 छोटे लोडिंग वाहन से लगाए कई फेरे बाइकर्स गिरोह करता है सागौन की तस्करी
सुठालिया में सागौन की तस्करी बाइकर्स गिरोह करता है। यह गिरोह 20-30 की संख्या में बाइक से या कभी इससे ज्यादा भी रात के अंधेरे में दबंगी से सागौन तस्करी करते हैं। अफसरों का मानना है, सुठालिया में ही लाइसेंस की आड़ में फर्नीचर कारोबारी अवैध सागौन खरीदते हैं। तेंदूपत्ता संग्रहण वर्कशॉप के बहाने सुठालिया में जुटाई वन टीम… सागौन तस्करों की कमर तोड़ने अफसरों ने फुलप्रूफ प्लानिंग की थी। राजगढ़, गुना और विदिशा के अमले को रविवार को सुठालिया में तेंदूपत्ता संग्राहकों की संयुक्त वर्कशॉप की सूचना दी गई। सुठालिया वन चौकी में शनिवार शाम से ही आयोजन की तैयारी के लिए टेंट लगवाया गया। रविवार को वन अमला इकट्ठा हुआ तो पहले उनके मोबाइल जमा करवाए गए इसके बाद तीनों डीएफओ ने सागौन जब्ती के लिए छापे की जानकारी दी।