‘पृथ्‍वी पूरी एक दिखती है। स्पेस से कोई बॉर्डर नहीं दिखते।’, इंटरनेशनल स्‍पेस स्‍टेशन जाने वाले पहले भारतीय नागरिक शुभांशु शुक्‍ला का स्‍टेटमेंट NCERT कक्षा 5वीं की किताब में शामिल किया गया है। ये किताब विशु अधाना ने तैयार की है। शुभांशु ने पीएम मोदी को बताया था एक्‍सपीरियंस ये कोट ग्रुप कैप्‍टैन शुभांशु शुक्‍ला और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच हुई बातचीत का हिस्‍सा है। इसे इन्वायर्नमेंटल स्‍टडीज की किताब के ‘अवर शेयर्ड होम’ चैप्‍टर में शामिल किया गया है। स्‍पेस से पृथ्‍वी को देखने का अपना एक्‍सपीरियंस बताते हुए शुभांशु शुक्‍ला ने कहा था, ‘ऐसा लगता है कि कोई बॉर्डर नहीं है। कोई स्‍टेट नहीं हैं। कोई देश नहीं हैं। हम सभी मानवता का हिस्‍सा हैं और पृथ्‍वी हमारा एक घर है।’ 15 जुलाई को शुभांशु शुक्ला ने इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पर 18-दिन का मिशन पूरा किया। इसी के साथ वो वहां जाने वाले पहले भारतीय बने। NEP 2020 के तहत हुआ बदलाव NEP 2020 के अनुसार TWAU यानी ‘द वर्ल्ड अराउंड अस’ टेक्स्टबुक बच्चों की पढ़ाई में एक बदलाव का हिस्सा है। इसमें साइंस, सोशल साइंस और एनवायर्नमेंटल स्टडीज को एक साथ शामिल किया गया है। इससे बच्चों में एथिकल रीजनिंग, ऑब्जर्वेशन और इनक्वायरी की क्षमता डेवलप होगी। इसमें साइंस, सोशल साइंस और एनवायर्नमेंटल स्टडीज को कहानियों, हैंड्स ऑन एक्टिविटीज और असल दुनिया से कनेक्शन के जरिए एक ही तरीके से पढ़ाया जाएगा। किताब में DIGIPIN को भी शामिल किया गया है। यह एक डिजिटल एड्रेस सिस्टम है जो भारत की हर लोकेशन को एक 10 कैरेक्टर का कोड देता है। इससे पोस्टमेन, एम्बुलेंस, डिलिवरी एजेंट्स के लिए किसी भी घर या स्कूल को लोकेट करने में आसानी होती है। बाढ़ से बचाव, आचार डालना सीखेंगे स्कूली बच्चे
दूसरे चैप्टर में स्टूडेंट्स को गोदावरी नदी, ब्रह्मगिरी के पहाड़, कोरिंगा वाइल्डलाइफ सेंचुरी और नमामी गंगे प्रोग्राम के बारे में पढ़ाया जाएगा। साथ ही बच्चों को बाढ़ में बचने के उपाय जैसी कई जरूरी लाइफ स्किल्स भी बताई जाएंगी। तीसरे चैप्टर में स्टूडेंट्स को माइक्रोब्स के जरिए खाने को प्रजर्व करने के बारे में बताया जाएगा। इसमें स्टूडेंट्स पढ़ेंगे कि खाने को सुखाना कैसे है, फ्रीज कैसे करना है और आचार कैसे डाला जाता है। इसी के साथ ओरल हाइजीन और चोकिंग हजार्ड्स के बारे में क्लासेज होंगी।
वाइब्रेंट कंट्री नाम के चैप्टर में स्टूडेंट्स भारत के समृद्ध कल्चर के बारे में नेशनल सिम्बल्स, ट्रडिशनल ड्रेस, मान्यूमेंट्स, रीजनल डांस के जरिए पढ़ाया जाएगा। साथ ही बच्चे करेंसी नोट के जरिए देश के कल्चरल एलिमेंट्स के बारे में पढ़ेंगे कलाम, भगत सिंह की कहानियां भी शामिल हुईं इसके अलावा 5वीं के सिलेबस में एपीजे अब्दुल कलाम, भगत सिंह, रानी लक्ष्मीबाई और छत्रपति शिवाजी जैसे राष्ट्रीय प्रतीकों की कहानियां भी शामिल की गई हैं। ‘कुछ अनोखी कहानियां’ शीर्षक वाले चैप्टर में सुंदरबन, उत्तर-पूर्व भारत, पर्यावरण-अनुकूल वास्तुकला, लोकल इनोवेशन और जैव विविधता के बारे में बताया गया है। इसके अलावा असम के भूत जोलोकिया, केरल के कॉयर शिल्प और महाराष्ट्र के कैलाशनाथ मंदिर का उल्लेख भी किताब में जोड़ा गया है। —————————