मार्केट कैपिटलाइजेशन के लिहाज से देश की टॉप-10 कंपनियों में से 4 की वैल्यू बीते हफ्ते के कारोबार में 1,01,370 करोड़ रुपए बढ़ी है। इस दौरान लाइफ इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया यानी LIC टॉप गेनर रही। कंपनी का मार्केट कैप 59,234 करोड़ रुपए बढ़कर 6.03 लाख करोड़ रुपए पर पहुंच गया है। इसके अलावा स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की वैल्यू 19,590 करोड़, एयरटेल की ₹14,084 करोड़ और HDFC बैंक की ₹8,462 करोड़ बढ़ी है। इधर, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) की वैल्यू 17,910 करोड़ रुपए कम होकर 12.53 करोड़ रुपए पर आ गई है। रिलायंस, ICICI बैंक, बजाज फाइनेंस, हिंदुस्तान यूनिलीवर (HUL) और इंफोसिस की वैल्यू कंबाइंड रूप से ₹34,853 करोड़ कम हुई है। पिछले हफ्ते बाजार में रही थी गिरावट हफ्ते के आखिरी दिन यानी शुक्रवार, 30 मई को सेंसेक्स 182 अंक गिरकर 81,451 के स्तर पर बंद हुआ। निफ्टी में भी 83 अंक की गिरावट रही, ये 24,751 के स्तर पर बंद हुआ। सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 25 में गिरावट और 5 में तेजी रही। जोमैटो का शेयर 4.95% चढ़ा। SBI, HDFC बैंक, LT और बजाज फिनसर्व के शेयर भी 2% ऊपर बंद हुए। HCL टेक, टेक महिंद्रा और इंफोसिस समेत 14 शेयरों में 2% तक की गिरावट रही। निफ्टी के 50 शेयरों में से 7 में तेजी और 43 में गिरावट देखने को मिली। NSE के सरकारी बैंकों का इंडेक्स 2.88% चढ़ा। जबकि, मेटल में 1.69%, IT में 1.15% और ऑटो में 0.98% की गिरावट रही। मार्केट कैपिटलाइजेशन क्या होता है? मार्केट कैप किसी भी कंपनी के टोटल आउटस्टैंडिंग शेयरों यानी वे सभी शेयर जो फिलहाल उसके शेयरहोल्डर्स के पास हैं, उनकी वैल्यू है। इसका कैलकुलेशन कंपनी के जारी शेयरों की कुल संख्या को उनकी कीमत से गुणा करके किया जाता है। इसे एक उदाहरण से समझें… मान लीजिए… कंपनी ‘A’ के 1 करोड़ शेयर मार्केट में लोगों ने खरीद रखे हैं। अगर एक शेयर की कीमत 20 रुपए है, तो कंपनी की मार्केट वैल्यू 1 करोड़ x 20 यानी 20 करोड़ रुपए होगी। कंपनियों की मार्केट वैल्यू शेयर की कीमतों के बढ़ने या घटने के चलते बढ़ता-घटता है। इसके और कई कारण हैं… मार्केट वैल्यू कैसे बढ़ती है? मार्केट वैल्यू कैसे घटती है? मार्केट कैप कैसे काम आता है? Post navigation India’s top-10 most valued firms add Rs 1 lakh crore in market value; check out biggest gainers UK boosts weapons production capacity in new defence strategy