मार्केट वैल्यूएशन के लिहाज से देश की 10 सबसे बड़ी कंपनियों में से 6 की मार्केट वैल्यू इस हफ्ते के कारोबार में 78,166 करोड़ रुपए घट गई है। इस दौरान प्राइवेट रिलायंस इंडस्ट्रीज टॉप लूजर रही। कंपनी का मार्केट कैप ₹40,800 करोड़ घटकर 19.30 लाख करोड़ रुपए पर पहुंच गया है। इसके अलावा, टाटा कंसल्टेंसी कंपनी यानी TCS की वैल्यू ₹17,710 करोड़ घटकर ₹12.71 लाख करोड़ पर आ गई है। वहीं, इंफोसिस की वैल्यू 10,488 करोड़ रुपए, हिंदुस्तान यूनिलीवर की 5,462 करोड़, ICICI बैंक की वैल्यू 2,454 और SBI बैंक की वैल्यू 1,249 करोड़ रुपए घटी है। शुक्रवार को सेंसेक्स 769 अंक चढ़ा हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन यानी शुक्रवार, 23 मई को सेंसेक्स 769 अंक चढ़कर 81,721 के स्तर पर बंद हुआ। निफ्टी में भी 243 अंक की तेजी रही, ये 24,853 के स्तर पर बंद हुआ। सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 28 में तेजी, जबकि दो में गिरावट रही। जोमैटो, पावर ग्रिड, ITC और बजाज फिनसर्व के शेयरों में 3.5% तक की तेजी रही। नेस्ले इंडिया समेत कुल 14 शेयरों में 1.8% तक की तेजी रही। सनफार्मा और एयरटेल 1.8% तक फिसले। मार्केट कैपिटलाइजेशन क्या होता है? मार्केट कैप किसी भी कंपनी के टोटल आउटस्टैंडिंग शेयरों यानी वे सभी शेयर जो फिलहाल उसके शेयरहोल्डर्स के पास हैं, उनकी वैल्यू है। इसका कैलकुलेशन कंपनी के जारी शेयरों की कुल संख्या को उनकी कीमत से गुणा करके किया जाता है। इसे एक उदाहरण से समझें… मान लीजिए… कंपनी ‘A’ के 1 करोड़ शेयर मार्केट में लोगों ने खरीद रखे हैं। अगर एक शेयर की कीमत 20 रुपए है, तो कंपनी की मार्केट वैल्यू 1 करोड़ x 20 यानी 20 करोड़ रुपए होगी। मार्केट वैल्यू कैसे घटता-बढ़ता है? कंपनियों की मार्केट वैल्यू शेयर की कीमतों के बढ़ने या घटने के चलते बढ़ता-घटता है। इसके और कई कारण हैं… मार्केट वैल्यू कैसे बढ़ती है? मार्केट वैल्यू कैसे घटती है? मार्केट कैप कैसे काम आता है? Post navigation Jute industry eyes June 3 ECJ meet for relief amid supply crunch and soaring prices India’s renewable energy capacity triples in a decade, reaches 232 GW; eyes 500 GW by 2030