गूगल और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस स्टार्टअप ‘कैरेक्टर.AI’ पर 14 साल के लड़के की आत्महत्या के मामले में मुकदमा चलेगा। फरवरी 2024 में सेवेल सेट्जर नाम के लड़के ने AI पावर्ड चैटबॉट से बातचीत करने के बाद आत्महत्या कर ली थी। आरोप है कि लड़का नियमित रूप से चर्चित शो ‘गेम ऑफ थ्रोन्स’ की एक कैरेक्टर डेनेरिस टार्गरियन से बात करता था और उसके प्रेम में पड़ गया था। इसके बाद लड़के की मां मेगन गार्सिया ने अक्टूबर 2024 में दोनों कंपनियों पर मुकदमा दायर किया था। क्या है कैरेक्टर AI ? कैरेक्टर डॉट AI एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म है, जो यूजर्स को काल्पनिक व्यक्तित्व से लेकर नकली हिस्टोरिकल पर्सनैलिटी तक के कैरेक्टर बनाने और उनसे डिजिटली बातचीत करने की फैसिलिटी देता है। सेवेल सुसाइड तक कैसे पहुंचा? वकील ने कहा- यह ऐतिहासिक फैसला मामले की सुनवाई करते हुए डिस्ट्रिक्ट जज ऐनी कॉनवे ने दोनों कंपनियों पर मुकदमा चलाने की इजाजत दे दी। कोर्ट के फैसले पर गार्सिया (लड़के की मां) की वकील मीताली जैन ने कहा कि कंपनियों पर मुकदमा चलाने का कोर्ट का फैसला ऐतिहासिक है। यह निर्णय AI और टेक इकोसिस्टम के लिए कानूनी जवाबदेही तय करेगा। वकील ने कहा कि गूगल ने इस टेक्नोलॉजी को बनाने में कैरेक्टर.AI की मदद की है। कैरेक्टर.AI को गूगल छोड़ चुके दो इंजीनियर्स नोआम शेजीर और डैनियल डी फ्रीटास ने 2021 में बनाया था। बाद में फिर दोनों ने एक डील के तहत फिर से गूगल जॉइन कर लिया था। गूगल ने कहा- इसमें शामिल नहीं, कोर्ट नहीं माना कैरेक्टर.AI और गूगल ने कोर्ट में कई दलीलें देकर मुकदमा खारिज करने का रिक्वेस्ट किया। लेकिन कोर्ट ने उन्हें राहत नहीं दी। कोर्ट ने गूगल के उस याचिका को भी खारिज कर दिया जिसमें गूगल ने कहा था कि वह कैरेक्टर.AI के इस मिसकंडक्ट में शामिल नहीं था। गूगल ने कहा- कोर्ट के फैसले से असहमत गूगल के प्रवक्ता जोस कास्टानेडा ने कहा ‘कोर्ट के इस फैसले से कंपनी पूरी तरह असहमत है। गूगल और कैरेक्टर.AI पूरी तरह से अलग हैं और गूगल ने कैरेक्टर.AI के एप या उसके किसी भी कंपोनेंट को नहीं बनाया, डिजाइन नहीं किया या मैनेज नहीं किया।’ कैरेक्टर.AI को गूगल के दो पूर्व इंजीनियरों ने बनाया है। जिन्हें बाद में गूगल ने स्टार्टअप टेक्नोलॉजी के लिए लाइसेंस देने वाले सौदे के तहत फिर से हायर कर लिया। कैरेक्टर.AI ने कहा- हम लड़ाई लड़ेंगे कंपनी इस मामले में लड़ना जारी रखेगी और नाबालिगों की सुरक्षा के लिए अपने प्लेटफॉर्म पर सेफ्टी फीचर्स लागू करेगी। जिसमें खुद को नुकसान पहुंचाने जैसी बातचीत को रोकने के उपाय भी किए जाएंगे। —————————— ये खबर भी पढ़ें… पैसा बनाने के लिए एजेंट हंट की तरह बैकअप-प्लान जरूरी: लॉन्ग टर्म नजरिए से मिलेगी कामयाबी, मिशन इम्पॉसिबल की टीम से सीखें स्मार्ट मनी मैनेजमेंट हाल ही में रिलीज हुई हॉलीवुड स्टार टॉम क्रूज की फिल्म मिशन इम्पॉसिबल – द फाइनल रेकनिंग दर्शकों को खासा पसंद आ रही है। ये मिशन इम्पॉसिबल सीरीज की 8वीं फिल्म है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह एक्शन से भरपूर फिल्म न केवल एंटरटेनमेंट करती है, बल्कि आपके वित्तीय जीवन के लिए भी कुछ महत्वपूर्ण सबक देती है? पूरी खबर पढ़ें… Post navigation ‘One of the biggest gaps…’: When Anupam Mittal slammed ‘haan haan samajh gaya’ culture, said asking questions not a sign of weakness अडाणी पोर्ट्स को ₹1289 करोड़ का लोन मिला:भ्रष्टाचार मामले में क्लीन चिट के बाद पहला कर्ज; ₹2,029 करोड़ की रिश्वत देने का आरोप था