अहमदाबाद की नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) ने शुक्रवार को जेनसोल इंजीनियरिंग के खिलाफ दिवालिया कार्यवाही की याचिका पर सुनवाई का आदेश दिया है। इरेडा ने 14 मई को जेनसोल के खिलाफ 510 करोड़ रुपए के डिफॉल्ट के लिए दिवालिया कार्यवाही की याचिका दायर की थी। हालांकि कोर्ट ने इरेडा की जेनसोल पर अंतरिम रेजोल्यूशन प्रोफेशनल (IRP) नियुक्त करने की मांग नहीं मानी। NCLT ने कहा, जेनसोल को पहले जवाब देने का मौका दिया जाए। ट्रिब्यूनल ने अगली सुनवाई 3 जून के लिए तय की है। जेनसोल के को-फाउंडर अनमोल जग्गी और उनके भाई पुनीत सिंह जग्गी ने मंगलवार को कंपनी के डायरेक्टर पद से इस्तीफा दे दिया था। एक महीने पहले मार्केट रेगुलेटर सेबी ने उन्हें कंपनी में प्रमुख पदों पर रहने पर रोक लगा दी थी। दोनों भाइयों पर फंड डायवर्जन का आरोप है। तीन चैप्टर में पूरा मामला जानें… चैप्टर-1: संकट चैप्टर-2: हेराफेरी चैप्टर-3: शुरुआत जेनसोल तीन सेगमेंट में काम करती है: Post navigation तुर्किये की सेलेबी एविएशन ने सरकार पर केस किया:कहा- सिक्योरिटी क्लीयरेंस खत्म करने का कारण साफ नहीं, तुर्किए ने पाकिस्तान का सपोर्ट किया था India’s forex reserves rise by $4.55 billion to $690.61 billion this week on surge in gold holdings