चीन ने बोइंग विमानों की डिलीवरी पर लगाया बैन हटा दिया है। ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के अनुसार, चीन ने डोमेस्टिक कैरियर्स को सूचित किया है कि वे अब अमेरिका निर्मित विमानों की डिलीवरी फिर से शुरू कर सकते हैं। अमेरिका-चीन की टैरिफ डील के बाद ये बैन हटा है। एक महीने पहले चीन ने अपनी एयरलाइन कंपनियों को बोइंग से नए विमानों की डिलीवरी नहीं लेने के आदेश दिए थे। चीनी सरकार ने यह आदेश अमेरिका के 145% टैरिफ के जवाब में दिया था। अमेरिका में बनने वाले विमान के पार्ट्स की खरीद रोकने का आदेश भी दिया था। 12 मई को जेनेवा में ट्रेड डील का ऐलान किया था अमेरिका-चीन ने 12 मई को जेनेवा में ट्रेड डील का ऐलान किया था। बताया गया कि दोनों देश 115% टैरिफ कटौती करेंगे। दोनों के बीच यह समझौता फिलहाल 90 दिनों के लिए है। अमेरिका ने चीनी सामानों पर 145% और चीन ने अमेरिकी सामानों पर 125% टैरिफ लगा रखा है। इस कटौती के बाद चीन पर अब 30% और अमेरिका पर 10% टैरिफ रह जाएगा। बोइंग के लिए चीन एक महत्वपूर्ण बाजार कोरोना महामारी से पहले, बोइंग के लगभग एक तिहाई 737 विमान देश में डिलीवर किए जा रहे थे। बोइंग के अनुमान के अनुसार, अगले दो दशकों में, चीन ग्लोबल एयरप्लेन डिमांड का 20% हिस्सा होगा। इसका मतलब है कि चीन को… चीन को भी बोइंग के जरूरत बोइंग चार सेक्टर में कमाई करती है कॉमर्शियल एयरप्लेन्स, डिफेंस-स्पेस एंड सिक्योरिटी, ग्लोबल सर्विस और बोइंग कैपिटल शामिल है। कॉमर्शियल प्लेन्स में बोइंग फिलहाल नेक्स्ट जेनरेशन 737, 737 मैक्स, 747-8, 767, 777, 777X, 787, फ्राइटर्स और बिजनेस जेट्स बनाती है। 1916 में विलियम ई. बोइंग ने बनाई थी कंपनी अमेरिकी बिजनेसमैन विलियम ई. बोइंग ने 1916 में विलियम ई. बोइंग ने एयरो प्रोडक्ट्स नाम से अमेरिका में कंपनी बनाई थी। एक साल के अंदर ही 1917 में पहला प्लेन बना दिया और कंपनी का नाम बदलकर बोइंग कर दिया था। ये वो समय था जब वर्ल्ड वॉर-1 की शुरुआत हो चुकी थी। इस समय अमेरिका, यूरोप- ब्रिटेन और जर्मनी के मुकाबले प्लेन टेक्नोलॉजी में काफी पीछे था। वर्ल्ड वॉर के कारण प्लेन की डिमांड बढ़ी। फिर इसी समय कंपनी को प्लेन तैयार करने के 50 ऑर्डर मिले और यहीं से बोइंग का आसमानी सफर शुरू हुआ। Post navigation India-Pakistan ceasefire: How India’s punitive measures will continue to hit Pakistan’s fragile economy – explained बेहतर ब्याज और रेगुलर कमाई के लिए मंथली इनकम अकाउंट:इसमें निवेश से हर महीने ₹9,250 तक की कमाई, जानें इससे जुड़ी खास बातें