टाटा ग्रुप की फाइनेंशियल सर्विसेज कंपनी टाटा कैपिटल अपना इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग यानी IPO लाने के लिए तैयारी कर रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी ने IPO के लिए मार्केट रेगुलेटर सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) के पास ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) यानी ड्राफ्ट पेपर्स फाइल कर दिए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, टाटा कैपिटल फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड की IPO के लिए सेबी के पास यह प्री-फाइलिंग कॉन्फिडेंशियल है। नवंबर 2022 में SEBI ने कॉन्फिडेंशियल प्री-फाइलिंग रूट पेश किया गया था। इसके तहत कंपनियों को अपनी जरूरी बिजनेस डिटेल्स पब्लिक किए बिना अपना DRHP फाइल करने में सहायता मिलती है। IPO के जरिए 15 हजार करोड़ रुपए जुटाना चाहती है कंपनी इस IPO के जरिए कंपनी 15 हजार करोड़ रुपए जुटाना चाहती है। IPO के तहत कंपनी 2.3 करोड़ नए शेयर जारी करेगी। इसके अलावा कुछ मौजूदा शेयरहोल्डर्स की ओर से ऑफर फॉर सेल (OFS) भी रहेगा। टाटा संस की टाटा कैपिटल में 92.83% हिस्सेदारी टाटा संस, टाटा कैपिटल की होल्डिंग कंपनी है। इसके पास टाटा कैपिटल में 92.83% हिस्सेदारी है। बाकी हिस्सेदारी टाटा ग्रुप की अन्य कंपनियों और ट्रस्टों के पास है। टाटा कैपिटल को रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की ओर से अपर लेयर NBFC (नॉन बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी) का दर्जा मिला हुआ है। लिस्टिंग के लिए 10 इन्वेस्टमेंट बैंकों को नियुक्त किया टाटा कैपिटल ने लिस्टिंग के लिए सलाहकार के तौर पर 10 इन्वेस्टमेंट बैंकों को नियुक्त किया है। इन बैंकों में कोटक महिंद्रा कैपिटल, सिटी, जेपी मॉर्गन, एक्सिस कैपिटल, ICICI सिक्योरिटीज, HSBC सिक्योरिटीज, IIFL कैपिटल, BNP पारिबास, SBI कैपिटल और HDFC बैंक शामिल हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, IPO में प्राइमरी और सेकेंडरी शेयर ऑफरिंग का कॉम्बिनेशन शामिल होगा। जिसमें टाटा संस और इन्वेस्टर इंटरनेशनल फाइनेंस कॉरपोरेशन (IFC) अपनी हिस्सेदारी कम करने का प्लान बना रहे हैं। हालांकि, हिस्सेदारी बिक्री में टाटा संस की भूमिका ज्यादा महत्वपूर्ण होने की उम्मीद है। सितंबर 2022 में NBFC में शामिल हुई थी टाटा कैपिटल RBI के आदेश के अनुसार, अपर लेयर NBFC के लिए यह मान्यता मिलने के 3 साल के अंदर शेयर बाजारों में लिस्ट होना जरूरी है। टाटा कैपिटल ने सितंबर 2022 में अपर लेयर NBFC में क्वालिफाई किया था। यानी RBI के नियम के तहत, टाटा कैपिटल के पास खुद को शेयर बाजार में लिस्ट कराने के लिए सितंबर 2025 तक का समय है। IPO के लिए बोर्ड की मंजूरी पिछले महीने मिली थी टाटा कैपिटल को IPO के लिए अपने बोर्ड की मंजूरी पिछले महीने ही मिली थी। IPO से पहले बोर्ड ने फरवरी में ₹1,504 करोड़ के राइट्स इश्यू को भी मंजूरी दी थी। 2023 में टाटा टेक्नोलॉजीज की लिस्टिंग के बाद यह टाटा ग्रुप की किसी कंपनी का पहला IPO होगा। कंपनी का AUM 1.58 लाख करोड़ रुपए (31 मार्च 2024 तक) था। पर्सनल लोन, होम लोन, गाड़ी के लिए लोन, कॉमर्शियल वाहनों के लिए लोन और बिजनेस लोन देती है। इसके अलावा क्रेडिट कार्ड और डिजिटल लोन भी उपलब्ध कराती है। Post navigation Tata Capital files documents for Rs 15,000 crore IPO Iran’s currency hits record low amid escalating tensions with US