फूड डिलीवरी करने वाली कंपनी जोमैटो ने लगभग 600 कस्टमर सपोर्ट एग्जीक्यूटिव्स को नौकरी से निकाल दिया है। कंपनी ने पिछले साल जोमैटो एसोसिएट एक्सेलेरेटर प्रोग्राम (ZAAP) प्रोग्राम के तहत इन एम्प्लॉइज को हायर किया था।कर्मचारियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) प्लेटफॉर्म नगेट के लॉन्च करने के बाद निकाला गया है। इस प्लेटफॉर्म के जरिए कंपनी हर महीने 1.5 करोड़ कस्टमर क्वेरीज हैंडल कर रही है। जोमैटो के को-फाउंडर दीपिंदर गोयल ने नगेट लॉन्च करते हुए कहा था ‘यह प्लेटफॉर्म कस्टमर सपोर्ट को आसान और सस्ता बनाएगा। इसमें कोडिंग या डेवलपर टीम की जरूरत नहीं, बस ऑटोमेशन से काम होगा।’ ऑटोमेशन पर फोकस कर रही कंपनी जोमैटो अब अपनी ब्लिंकिट और हाइपरप्योर जैसी अन्य कंपनियों में कस्टमर सपोर्ट भी नगेट के जरिए कर रहा है।नगेट के आने के बाद 80% क्वेरीज AI से हल हो रही हैं। इससे कस्टमर प्रॉब्लम सॉल्व करने का समय 20% कम हुआ। कंप्लायंस भी 20% बेहतर हुआ है। 1 महीने में 8.46% गिरा शेयर जोमैटो का शेयर आज 1 अप्रैल को 0.82% की बढ़ोतरी के साथ 203.35 रुपए पर बंद हुआ। कंपनी के शेयर ने पिछले एक महीने में 8.46% का नेगेटिव रिटर्न दिया है। पिछले एक साल में शेयर 10.22% चढ़ा है। जोमैटो का मार्केट कैपिटल 1.83 लाख करोड़ रुपए है। सालाना आधार पर 57% कम हुआ मुनाफा जोमैटो को वित्त वर्ष 2024-25 की तीसरी तिमाही में 59 करोड़ रुपए का मुनाफा हुआ है। हालांकि, सालाना आधार पर इसमें 57% की कमी आई है। एक साल पहले की समान तिमाही में कंपनी को 138 करोड़ रुपए का कॉन्सोलिडेटेड मुनाफा हुआ था। अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में जोमैटो का ऑपरेशनल रेवेन्यू सालाना आधार पर 64% बढ़कर 5,405 करोड़ रुपए रहा। वित्त वर्ष 2023-24 की तीसरी तिमाही में जोमैटो ने 3,288 करोड़ रुपए का रेवेन्यू जनरेट किया था। वस्तुओं और सेवाओं को बेचने से मिलने वाली राशि को रेवेन्यू या राजस्व कहा जाता है। Post navigation Donald Trump government policies spooking Indian H-1B visa and US green card holders – here’s why How Trump tariffs could hit the world and may lift India slightly