सरकारी नौकरी पाने के लिए राजस्थान में 27 साल के एक लड़के राहुल ने लोक सेवा आयोग (RPSC) की वेबसाइट ही हैक कर ली। साइबर थाना पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। जांच में खुलासा हुआ है कि राहुल कुमार ने अपने राज्य में सरकारी नौकरी पाने के लिए AI टूल्स की मदद से RPSC वेबसाइट को हैक किया था और उसमें छेड़छाड़ की थी। ओटीआर को बायपास करने की कोडिंग तैयार की दरअसल आरोपी राहुल का नाम प्रोविजनल वेटिंग लिस्ट में था। उसने फर्जी एसएसओ आईडी (SSO ID) और जीमेल आईडी बनाकर AI टूल्स की मदद से वन टाइम रजिस्ट्रेशन (OTR) प्रोसेस को बायपास करने की कोडिंग तैयार की। इसके बाद उसने पोर्टल पर अपने से आगे चल रहे उम्मीदवारों के फॉर्म विड्रॉ (वापस) कर दिए, ताकि वेटिंग लिस्ट में उसका नंबर ऊपर आ सके और उसका सिलेक्शन हो जाए। आरोपी वर्तमान में झारखंड में स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL) में कार्यरत है। दौसा का रहने वाला है आरोपी आरोपी की पहचान 27 वर्षीय राहुल कुमार के रूप में हुई है। राहुल कुमार मीणा दौसा का रहने वाला है। राहुल ने बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) से माइनिंग इंजीनियरिंग में बीटेक किया है। उसके बाद SAIL में माइनिंग इंजीनियर पद पर चयन हुआ और वर्तमान में झारखंड में नौकरी कर रहा है। वह वापस अपने राज्य में नौकरी पाना चाहता था। इसलिए RPSC की असिस्टेंट माइनिंग इंजीनियर भर्ती 2024 में अपने सिलेक्शन के लिए आयोग की वेबसाइट से छेड़छाड़ की। कैसे हुआ RPSC वेबसाइट हैकिंग का खुलासा आरोपी वेटिंग लिस्ट में दूसरे नंबर पर था। अगर वह सिर्फ पहले नंबर के उम्मीदवार का आवेदन निरस्त करता, तो सीधे उसी पर शक हो सकता था। इसलिए उसने संदेह से बचने के लिए वेटिंग लिस्ट में 1, 4 और 6 पर चल रहे तीन उम्मीदवारों के आवेदन फर्जी लिंक जनरेट कर खुद ही विड्रॉ (वापस) कर दिए। संबंधित उम्मीदवारों के मोबाइल पर जब आवेदन विड्रॉ के मैसेज पहुंचे, तो मामला सामने आया। AI की मदद से कोडिंग तैयार की उम्मीदवार ने आयोग को ईमेल के जरिए बताया कि उनका एप्लीकेशन फॉर्म वापस हो गया है, जबकि उसने ऐसी कोई रिक्वेस्ट नहीं की थी। इस आधार पर शक हुआ तो इसकी जानकारी जयपुर स्थित सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग को भेजी गई। तब पूरा मामला सामने आया। जांच में पता चला कि आरोपी ने भर्ती प्रक्रिया से जुड़े SSO ID और ईमेल अकाउंट बनाकर AI टूल्स की मदद से वन टाइम पासवर्ड प्रोसेस को बायपास करने की कोडिंग तैयार की थी। Wi‑Fi से पोर्टल पर लॉगिन किया राहुल ने AI की मदद से आरपीएससी पोटर्ल हैक किया और अपनी पहचान छिपाने के लिए कई बार VPN का इस्तेमाल किया। वह दूसरे लोगों के Wi‑Fi नेटवर्क का इस्तेमाल करके पोर्टल पर लॉगिन कर रहा था। साइबर एक्सपर्ट्स और अजमेर पुलिस की टीम ने उसके डिवाइस और आईपी एड्रेस को ट्रैक करके गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को 25 जून तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। साथ ही यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस साजिश में वह अकेला था या उसके और भी साथी इसमें शामिल थे। RPSC प्रोग्रामर की शिकायत से खुला मामला मामले का खुलासा तब हुआ, जब RPSC के एनालिस्ट-कम-प्रोग्रामर (Analyst-cum-Programmer) रघुवीर गुर्जर ने अजमेर साइबर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। शिकायत में बताया गया कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने रिक्रूटमेंट पोर्टल में प्रवेश कर रिकॉर्ड में हेराफेरी की है। उम्मीदवारों के व्यक्तिगत डेटा से छेड़छाड़ कर भर्ती प्रक्रिया को प्रभावित करने का प्रयास किया है। पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे 25 जून तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस हाईटेक साजिश में आरोपी अकेला था या उसके साथ कोई और भी शामिल था। BHU से बीटेक, SAIL में माइनिंग इंजीनियर पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी ने बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) से माइनिंग इंजीनियरिंग में बीटेक किया है। इसके बाद उसका चयन SAIL में माइनिंग इंजीनियर के पद पर हुआ और फिलहाल वह झारखंड में पदस्थापित है। आरोपी हाल ही में छुट्टी पर दौसा आया हुआ था। ये खबर भी पढ़ें हफ्ते की टॉप जॉब्स:SBI PO की 1500 वैकेंसी, UPSC ने निकालीं ग्रेजुएट्स की 400 भर्तियां; इस हफ्ते 6 हजार से ज्यादा नौकरियां इस हफ्ते निकली हैं DSSSB और एम्स सहित कई विभागों में 6312 पदों पर नौकरियां। अगर आप भी इन पदों के लिए अप्लाई करना चाहते हैं, तो इन 5 नौकरियों की डिटेल्ड जानकारी 5 ग्राफिक्स के जरिए जानिए। पूरी खबर यहां पढ़ें Post navigation महिला क्रिकेटर्स के लिए ICC की पोस्ट प्रेग्नेंसी गाइडलाइंस जारी:सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता का कार्यकाल 2029 तक बढ़ा; 23 जून के करेंट अफेयर्स इंपैक्ट फीचर:करियर में AI की महत्वपूर्ण भूमिका को देखते हुए डब्ल्यूपीयू गोवा ने उच्च शिक्षा में कई विषयों की जानकारी होने की वकालत की