सिंगापुर की सॉवरेन इन्वेस्टमेंट फर्म टेमासेक ने हल्दीराम के स्नैक्स डिवीजन में 10% हिस्सेदारी खरीदने के लिए एग्रीमेंट किया है। यह डील 1 बिलियन डॉलर (करीब 8,555 करोड़ रुपए) में हुई है। हल्दीराम ने 30 मार्च को बताया कि टेमासेक ने कंपनी के मौजूदा शेयर होल्डर्स के 10% हिस्सेदारी को खरीदा है। दोनों पक्ष कई महीनों से इस डील के लिए बातचीत कर रहे थे। अमेरिका की प्राइवेट इक्विटी (PE) ब्लैकस्टोन ने भी हल्दीराम में 20% हिस्सेदारी के लिए ऑफर दिया था, लेकिन ये ऑफर कम वैल्यूएशन पर था। इसलिए हल्दीराम ने यह डील टेमासेक के साथ फाइनल की है। यह सेल भारत के फास्ट-मूविंग कंज्यूमर गुड्स (एफएमसीजी) क्षेत्र में हाल के सबसे बड़े लेन-देन में से एक है। बैंकर्स का कहना है कि हल्दीराम के प्रमोटर अगले साल के भीतर इनिशियल पब्लिक ऑफर (आईपीओ) लाने पर विचार कर रहे हैं। हल्दीराम में 5-6% हिस्सेदारी और खरीदेगी टेमासेक मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक हल्दीराम, टेमासेक को एक्स्ट्रा 5-6% स्टेक बेचने पर विचार कर रही है। दोनों कंपनियों में इस डील को लेकर एडवांस स्टेज पर बातचीत चल रही है। ये खरीदारी 500 मिलियन डॉलर(4,277 करोड़ रुपए) में की जाएगी। तीन फैमिली एनटीटी हल्दीराम ब्रांड ऑपरेट करती है भारत में हल्दीराम ब्रांड का संचालन दिल्ली, नागपुर और कोलकाता में स्थित तीन अलग-अलग फैमिली एनटीटी द्वारा किया जाता है। हालांकि, दिल्ली और नागपुर फैमिली ने अपने FMCG बिजनेस हल्दीराम स्नैक्स और हल्दीराम फूड्स इंटरनेशनल को एक सिंगल एनटीटी, हल्दीराम स्नैक्स फूड्स प्राइवेट लिमिटेड में मर्ज कर दिया है। हल्दीराम रेस्टोरेंट की एक चेन भी ऑपरेट करता है पैकेज्ड स्नैक्स के अलावा, हल्दीराम रेस्टोरेंट की एक चेन भी ऑपरेट करता है। कंपनी 500 प्रकार के स्नैक्स, नमकीन, मिठाइयां, रेडी टू ईट और प्री-मिक्स्ड फूड आइटम्स बेचती है। हल्दीराम ने वित्त वर्ष 24 में 12,800 करोड़ रुपए का रेवेन्यू हासिल किया था। स्नैक मार्केट 13% हिस्सेदारी, 1937 में हुई थी शुरुआत यूरोमॉनिटर इंटरनेशनल के अनुसार, भारत के 6.2 अरब डॉलर के स्नैक मार्केट में हल्दीराम की लगभग 13% हिस्सेदारी है। इसके स्नैक्स सिंगापुर और अमेरिका जैसे विदेशी बाजारों में भी बेचे जाते हैं। कंपनी के पास लगभग 150 रेस्तरां हैं। इसकी शुरुआत 1937 में एक दुकान से हुई थी। Post navigation India’s copper demand set to surge 7% driven by clean energy boom and infrastructure projects शेयर बाजार में इस हफ्ते उतार-चढ़ाव का अनुमान:US टैरिफ अपडेट से लेकर FII-DII फ्लो तक; यह फैक्टर्स तय करेंगे बाजार की चाल