महाराष्ट्र बेस्ड प्लास्टिक पैकेजिंग प्रोडक्ट्स बनाने वाली कंपनी SSF प्लास्टिक्स इंडिया जल्द ही अपना इनिशियलपब्लिक ऑफरिंग यानि IPO ला रही है। कंपनी ने मार्केट रेगुलेटर सिक्योरिटी एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया यानी SEBI के पास ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) फाइल किया है। IPO से 550 करोड़ रुपए जुटाएगी। इसमें फ्रेश इश्यू के जरिए 300 करोड़ रुपए के नए शेयर जारी होंगे। इसके साथ ही कंपनी के मौजूदा प्रमोटर ऑफर फॉर सेल (OFS) में 250 करोड़ रुपए के शेयर बेंचेंगे। प्लास्टिक पैकेजिंग प्रोडक्ट्स बनाती है कंपनी SSF प्लास्टिक्स इंडिया रेवेन्यू के आधार पर वित्त वर्ष 2024 में देश की चौथी बड़ी प्लास्टिक पैकेजिंग मैन्युफेक्चरर है। कंपनी डिजाइन से लेकर डिलीवरी प्रोसेस तक के पैकजिंग प्रोडक्ट्स बनती है। बोतलें, कंटेनर, कैप्स/क्लोजर, टब्स और इंजीनियरिंग प्लास्टिक कंपोनेंट्स – में सर्विस प्रोवाइड करती है। इसके साथ ही, यह पर्सनल केयर, होमकेयर, फूड एंड बेवरेजेस, कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स, इंजन ऑयल एवं लुब्रिकेंट्स और फार्मास्यूटिकल्स जैसे बिजनेस में भी सर्विस देती है। कंपनी के 15 जगहों पर मेन्युफेक्चरिंग फैसिलिटी है। कंपनी के प्रमुख ग्राहकों में हिंदुस्तान यूनिलीवर, विप्रो, डाबर, हिंदुस्तान फूड्स, इमामी, हिमालया वेलनेस, कोलगेट, आरएसएच ग्लोबल, साविता ऑयल और अल्केम लैब्स शामिल हैं। प्री-IPO से भी पैसा जुटा सकती है कंपनी IPO से पहले प्री-IPO प्लेसमेंट के जरिए 60 करोड़ रुपए क जुटाने पर विचार कर रही है। ऐसा होने पर प्री-IPO में जुटाई गई रकम को IPO में शामिल नए इश्यू या OFS के हिस्से से कम किया जाएगा। कर्ज चुकाने में करेगी पैसे का इस्तेमाल SSF प्लास्टिक्स इंडिया IPO से मिलने वाली रकम में से लगभग 160 करोड़ रुपए का कर्ज चुकाएगी। साथ ही, 80 करोड़ रुपए मशीनरी की खरीद में लगाए जाएंगे। शेष राशि जनरल कॉरपोरेट जरूरतों को पूरा करने में खर्च होगी। FY 2024 में ₹46.1 करोड़ का प्रॉफिट वित्त वर्ष 2024 में कंपनी ने 5.1% की गिरावट के साथ 46.1 करोड़ रुपए का शुद्ध मुनाफा दर्ज किया। कंपनी का रेवेन्यू में 5.4% की बढ़ोतरी के साथ 630.9 करोड़ रुपए रहा। FY25 की पहली छमाही में कंपनी का मुनाफा 15.2 करोड़ रुपए रहा, जबकि रेवेन्यू 397.4 करोड़ रुपए तक पहुंचा। IPO क्या होता है? जब कोई कंपनी पहली बार अपने शेयर्स को आम लोगों के लिए जारी करती है तो इसे इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग यानी IPO कहते हैं। कंपनी को कारोबार बढ़ाने के लिए पैसे की जरूरत होती है। ऐसे में कंपनी बाजार से कर्ज लेने के बजाय कुछ शेयर पब्लिक को बेचकर या नए शेयर इश्यू करके पैसा जुटाती है। इसी के लिए कंपनी IPO लाती है। Post navigation Gratuity eligibility, payout and formula: Leaving job before 5 years? Here’s how you can still get gratuity 1 अप्रैल से इनएक्टिव मोबाइल नंबरों पर काम नहीं करेगा:साइबर फ्रॉड रोकने के लिए NPCI का फैसला, पुल ट्रांजैक्शन फीचर भी बंद करने की तैयारी