मारुति सुजुकी ने अप्रैल 2025 से अपने कारों की कीमतों में 4% तक की बढ़ोतरी की घोषणा की है। यह बढ़ोतरी कंपनी के लाइनअप के सभी मॉडल्स पर अलग-अलग होगी। मारुति ने बढ़ती रॉ मटेरियल और ऑपरेशनल कॉस्ट के कारण यह फैसला लिया है। इससे पहले 1 फरवरी 2025 से मारुति ने कार की कीमतों में 32,500 रुपए तक इजाफा किया था। वहीं जनवरी में भी कंपनी ने अपने लाइअप के सभी मॉडल्स पर 4% तक की बढ़ोतरी की थी। तब भी मारुति ने कीमत बढ़ाने की वजह रॉ मटेरियल को बताया था। खबर के बाद शेयर 2% चढ़कर 11,752 रुपए पर पहुंचा दामों में बढ़ोतरी की खबर के बाद 2% चढ़कर 11,752 रुपए पर पहुंच गया। हालांकि, अब ये 0.31% चढ़कर 11,550 रुपए पर है। बीते एक साल में मारुति का शेयर फ्लैट ही रहा है। वहीं बीते 6 महीने में ये 6% गिरा है। एक महीने में शेयर में 10% की गिरावट आई है। तीसरी तिमाही में मारुति सुजुकी का मुनाफा 16% बढ़ा मारुति सुजुकी को वित्त वर्ष 2024-25 की तीसरी तिमाही में 3,727 करोड़ रुपए का शुद्ध मुनाफा (कॉन्सोलिडेटेड नेट प्रॉफिट) हुआ था। सालाना आधार पर यह 16% बढ़ा था। एक साल पहले की समान तिमाही में कंपनी को 3,206 करोड़ रुपए का मुनाफा हुआ था। ऑपरेशन से कंपनी का रेवेन्यू 38,764 करोड़ रुपए रहा। एक साल पहले की समान तिमाही में मारुति ने 33,512 करोड़ रुपए का रेवेन्यू दर्ज किया था। सालाना आधार पर यह 15.67% बढ़ा है। वस्तुओं और सेवाओं को बेचने से मिली राशि को रेवेन्यू कहते हैं। 1981 के भारत सरकार के स्वामित्व में बनी थी मारुति मारुति सुजुकी की स्थापना 24 फरवरी 1981 के भारत सरकार के स्वामित्व में मारुति इंडस्ट्रीज लिमिटेड रूप में हुई थी। 1982 में कंपनी ने जापान की सुजुकी कॉर्पोरेशन के साथ मिलकर जॉइंट वेंचर ‘मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड’ बनाई। भारतीयों के लिए पहली बजट कार 1983 में मारुति 800 लॉन्च हुई। 47,500 रुपए की एक्स शोरूम कीमत पर कंपनी ने देश के एक बड़े तबके को कार खरीदने के सक्षम बनाया था। मारुति सुजुकी पिछले 40 साल में देश में करीब 3 करोड़ गाड़ियां बेच चुकी है। Post navigation रिजर्व-बैंक के बयान के बाद इंडसइंड का शेयर 5% चढ़ा:आरबीआई ने बैंक की फाइनेंशियल कंडीशन स्टेबल बताई; गड़बड़ी के बाद 30% गिरा था शेयर Meet Srikanth Bolla, Shark Tank India’s new judge, who is visually impaired – know his inspirational success story